
*बैसाखी पूर्णिमा पर भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी*
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अमरकंटक में पवित्र बैसाखी पूर्णिमा पर भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी , किया स्नान , दर्शन-पूजन अर्चन
माह भर चलने वाला बैसाखी स्नान पूर्णिमा पर हुआ संपन्न
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र धार्मिक नगरी अमरकंटक में बैसाखी पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा , आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला । प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल अमरकंटक में शुक्रवार को वैशाख पूर्णिमा के शुभ अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं , तीर्थयात्रियों एवं भक्तों ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के पावन तटों पर आस्था की डुबकी लगाई , स्नान किया और मां नर्मदा का विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर पुण्य अर्जित किया ।
प्रातःकाल लगभग 5 बजे से ही श्रद्धालुओं का स्नान क्रम प्रारंभ हो गया था जो दिनभर अनवरत चलता रहा । भक्तों ने मां नर्मदा नदी के पवित्र कोटि तीर्थ घाट , कुंड , रामघाट , पुष्कर बांध एवं आरंडी संगम तट पर श्रद्धा भाव से स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया । स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम मंदिर पहुंचकर दर्शन , पूजन , अर्चन एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए । मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और “जय मां नर्मदे” के जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहा ।
श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा मंदिर में श्रीफल , पुष्प एवं पूजन सामग्री अर्पित कर मनोकामनाएं मांगीं तथा अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की । अनेक श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार भिक्षुओं को अन्नदान , वस्त्रदान एवं फलदान कर पुण्य अर्जित किया ।
बैसाखी पूर्णिमा के अवसर पर अमरकंटक का वातावरण पूर्णतः धर्ममय और भक्तिमय बना रहा । मां नर्मदा के तटों पर स्नान करते हुए श्रद्धालु मां नर्मदा के जयकारे लगाते रहे और संपूर्ण क्षेत्र भक्ति रस में सराबोर रहा ।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार रात्रि अमरकंटक क्षेत्र में तेज आंधी , बारिश एवं तूफान के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई जिससे ग्रीष्म ऋतु की तपन और उमस का प्रभाव लगभग समाप्त हो गया । मौसम सुहावना होने से श्रद्धालुओं में स्नान और दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया । अनुकूल मौसम के चलते श्रद्धालुओं ने सहजता और उत्साह के साथ स्नान-पूजन किया ।
हालांकि स्थानीय व्यापारियों एवं नागरिकों का कहना है कि गत वर्षों की तुलना में इस वर्ष तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है । इसके बावजूद बैसाखी पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने अमरकंटक को पुनः आस्था और भक्ति के रंग में रंग दिया ।
वैशाख मास की पूर्णिमा , स्वाती नक्षत्र और शुक्रवार के शुभ संयोग में संपन्न हुआ यह पावन स्नान पर्व माह भर चलने वाले बैसाखी स्नान का विधिवत समापन हुआ । पूर्णिमा स्नान के साथ एक माह तक चलने वाला यह पुण्य पर्व संपन्न हो गया ।

