
*अमरकंटक क्षेत्र में गर्मी से मिली राहत मौसम रहा सुहावना*
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अमरकंटक में बादलों की लुका-छुपी से तापमान में गिरावट ,
गर्मी से मिली राहत — मौसम रहा सुहावना
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक जो मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ स्थलो में है । इस अप्रैल माह के अंतिम दिन और वैशाख मास के समापन पर मौसम ने अचानक करवट बदली । आसमान में बादलों की लुका-छुपी के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और वातावरण सुखद व सुहावना बना रहा ।
बताया जाता है कि सीमावर्ती जिला डिंडोरी के करंजिया क्षेत्र में गत दिनों हुई वर्षा का प्रभाव अमरकंटक के मौसम पर भी देखने को मिला । दिनभर नीले आकाश में काले बादल उमड़ते-घुमड़ते रहे और सूर्यदेव के साथ लुका-छुपी का खेल चलता रहा । इसके चलते दिन का तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य दिनों की तुलना में करीब 4 डिग्री कम रहा ।
तापमान में आई इस गिरावट के कारण उमस और बेचैनी से राहत मिली । नागरिकों , पर्यटकों और तीर्थयात्रियों ने इस अप्रत्याशित सुहावने मौसम का भरपूर आनंद उठाया । विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर तथा महाराष्ट्र के नागपुर और पुणे से आए श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के पावन तट पर स्नान कर पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया ।
दोपहर बाद मौसम और भी मनमोहक हो गया । ठंडी-ठंडी हवाएं चलने लगीं जिससे वातावरण और अधिक शीतल हो गया । शाम होते-होते मौसम पूरी तरह से सुहावना हो गया और रात्रि में तापमान गिरकर लगभग 15–16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है ।
कानपुर से आए पर्यटकों ने बताया कि उन्होंने अमरकंटक के सुहावने और शीतल मौसम के बारे में सुना था जिसे आज प्रत्यक्ष अनुभव किया । चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ी क्षेत्र का प्रभाव यहां के मौसम को और भी आकर्षक बनाता है । वहीं नागपुर और पुणे से आए श्रद्धालुओं ने भी रामघाट में मां नर्मदा में पवित्र स्नान कर विशेष आनंद बताया ।
अन्य तीर्थयात्रियों ने कहा कि जहां उनके शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और कूलर व एसी भी राहत नहीं दे पा रहे वहीं अमरकंटक का शीतल और प्राकृतिक वातावरण मन को मोह लेने वाला है । उन्होंने इसे पर्यटन और आध्यात्मिक शांति के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थल बताया ।
