*ब्रेकिंग न्यूज़10 माह से वेतन नहीं, स्कूल में हंगामा BEO गोपाल दुबे की कार्यप्रणाली पर सवाल*

* ग्लोबल न्यूज कोटा बहेरामुड़ा स्कूल का मामला* प्रदीप शर्मा की रिपोर्ट*
*कोटा में शिक्षा व्यवस्था बेहाल – स्कूलों का हाल कौन देखेगा?कोटा में शिक्षा का बुरा हाल
कोटा में शिक्षा व्यवस्था बेहाल – BEO हेडक्वार्टर से नदारद, बहेरामुड़ा स्कूल के वायरल वीडियो ने खोली पोल
कोटा/बहेरामुड़ा बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक शाला विद्या मंदिर बहेरामुड़ा में पदस्थ शिक्षक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वायरल वीडियो में कथित तौर पर शिक्षक कहते सुनाई दे रहे हैं कि उन्हें 10 माह से तनख्वाह नहीं मिली है और इसी नाराजगी में अभद्र टिप्पणी करते दिख रहे हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही संभव है, लेकिन सामने आने के बाद विभाग की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
10 माह से वेतन लंबित तो जिम्मेदार कौन? यदि शिक्षक का वेतन वास्तव में 10 माह से लंबित है तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। वेतन में तकनीकी समस्या थी तो समाधान क्यों नहीं हुआ?
BEO गोपाल दुबे की कार्यप्रणाली पर सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत आने पर केवल कारण बताओ नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, अंतिम कार्रवाई स्पष्ट नहीं होती।
क्या हर मामले में शो-कॉज नोटिस ही पर्याप्त है? नोटिस के बाद जांच की समयसीमा क्या है?
कोटा में हाल ही में एक अन्य शिक्षक के लंबे समय तक अनुपस्थित रहने और नशे में BEO कार्यालय पहुंचने पर निलंबन की कार्रवाई भी हो चुकी है।
राजू सिंह राजपूत (मंडल अध्यक्ष भाजपा) आये दिन शिक्षक शराब के नशे में शाला आ रहे हैं, शिक्षा अधिकारी पैसे लेकर कार्रवाई नहीं करते।
प्रदीप शर्मा (सामाजिक कार्यकर्ता) आदिवासी अंचल में कई शिक्षक नशे में नौकरी कर रहे हैं, हाल में एक शिक्षक ने बच्चे से मारपीट की थी। BEO और DEO कार्रवाई नहीं करते। जिला प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।
अब देखना होगा कि BEO और जिला शिक्षा अधिकारी केवल नोटिस तक सीमित रहते हैं या निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करते हैं।