*ब्रेकिंग न्यूज़ कोटा CHC बना रेफर सेंटर गरीब मरीज प्राइवेट में लुटने को मजबूर*

ग्राउंड रिपोर्ट ग्लोबल न्यूज कोटा नारायण यादव रिपोर्ट
*कोटा CHC में जान जोखिम में मशीनें बंद BMO नदारद गंभीर मरीजों को सिम्स बिलासपुर रेफर जनप्रतिनिधि एवं पार्षद वेंकट लाल अग्रवाल भड़के*

कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं कई वर्षों से इसकी स्थिति सुविधा के नाम पर जीरो है
कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल-बेहाल, जनप्रतिनिधियों ने खोली पोल
कोटा अस्पताल में कोई भी गंभीर मरीज आता है उन्हें तुरंत बिलासपुर रेफर कर दिया जाता है यह कहकर की यहां पर कोई सुविधा नहीं है बिलासपुर ले जाओ
करगीरोड-कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटा की जर्जर व्यवस्था की कहानी खुद बयां कर रहा है। दीवारों का प्लास्टर उखड़ा, बोर्ड फीका चारों तरफ गंदगी फसरी हुईऔर मरीजों की सुविधा भगवान भरोसे।
गुरुवार को भाजपा-कांग्रेस के पार्षदों ने जब संयुक्त औचक निरीक्षण किया तो यही हाल अंदर भी मिला।
– X-Ray 6माह से बंद -मशीन खराब, मरीज प्राइवेट में 500से1000 रु देने को मजबूर
– Blood Bank की Earthing 2 साल से खराब – लाखों की मशीन शोपीस
– कागज में 11 डॉक्टर, मौके पर केवल 4 -स्टाफ की भारी कमी
– BMO गायब – लगातार अनुपस्थित, सबसे बड़ी लापरवाही
– बाथरूम में ताला – स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह फेल चारों तरफ गंदगी पसरी हुई बीएमओ की लापरवाही हेडक्वार्टर में नहीं रहते हैं बिलासपुर से आना-जाना करते हैं बीएमओ का किसका संरक्षण है बीएमओ कई वर्षों से कोटा में जमे हुए हैं इसलिए इनका राजनीतिक पकड़ है इनको कोई भी नहीं हटा सकता
मौके से ही वरिष्ठ पार्षद वेंकट लाल अग्रवाल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को फोन कर स्थिति बताई। मंत्री ने CHMO बिलासपुर को जांच के निर्देश दिए हैं।
अब सवाल ये है कि क्या इस जांच में BMO की जवाबदेही तय होगी? क्या
जब्बार खान, उत्तम प्रजापति, अनिल साहू, देवेंद्र कौशिक पार्वती योगेंद्र साहू नंदराम सहित अन्य पार्षदगण उपस्थित थे।
