*तीजा में ट्रेन बंद छत्तीसगढ़ियों में आक्रोश*

भाटापारा ग्लोबल न्यूज जुगल किशोर तिवारी की रिपोर्ट
*तीजा में लोकल ट्रेन बंद रखने पर रेलवे के खिलाफ भारी आक्रोश भाटापारा स्टेशन में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने सौंपा ज्ञापन*

*भाटापारा, 14 सितंबर 2026*
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े तिहार तीजा-पोरा के अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 12 लोकल ट्रेनों के संचालन को बंद किए जाने के खिलाफ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने भारी आक्रोश व्यक्त किया है।
दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने आज भाटापारा स्टेशन प्रबंधक को रेल महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल निर्णय वापस लेने की मांग की। इस दौरान स्टेशन परिसर में जोरदार नारेबाजी कर रेलवे प्रशासन पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परम्परा का अनादर और छत्तीसगढ़ियों को अपमानित करने का आरोप लगाया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन द्वारा दिनांक 13 व 14 सितंबर 2026 को कोरबा-रायपुर-दुर्ग के मध्य चलने वाली लोकल यात्री ट्रेनों को बंद रखने का तुगलकी, अविवेकपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिससे पूरे छत्तीसगढ़िया समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सर्वविदित है कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा त्योहार तीजा-पोरा है, जिसमें लाखों माताएं-बहनें अपने बच्चों के साथ ससुराल से मायके जाती हैं। कोरबा-रायपुर-दुर्ग के बीच छोटे स्टेशनों के लिए लोकल ट्रेन ही सबसे प्रमुख, सुरक्षित और सस्ता साधन है। ट्रेन बंद होने से महिलाओं और बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा तथा सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ेगी।
ज्ञापन में कहा गया कि रेल प्रशासन छठ पर्व पर बिहार और दुर्गा पूजा पर बंगाल के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े त्योहार पर नियमित लोकल ट्रेनें ही बंद कर दी गईं, जिसकी जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना कड़े शब्दों में निंदा करती है।
मांग
1. लोकल ट्रेनों के बंद करने के फैसले पर तत्काल पुनर्विचार कर परिचालन पूर्ववत किया जाए।
2. 15, 16 व 17 सितंबर 2026 को अतिरिक्त तीजा स्पेशल लोकल ट्रेनें चलाई जाएं।
3. दिन के समय एक्सप्रेस ट्रेनों के आरक्षित कोचों में राजनांदगांव से कोरबा-रायगढ़ तक साधारण टिकट पर यात्रा की अनुमति दी जाए।
अन्यथा संगठन को मजबूरन विरोध प्रदर्शन करना पड़ेगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई है।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, भाटापारा इकाई के द्वारा
