*छेरकाबांधा की वेलकम डिस्टलरी में सन्नाटा प्रदूषण विभाग ने 3 माह से रोका प्लांट*

*बिलासपुर कोटा ग्लोबल न्यूज*
शराब फैक्ट्री बंद तो 800 घरों का चूल्हा ठंडा नेहरू चौक से कलेक्टर तक गरजे मजदूर दूसरी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की साजिश?
प्रदूषण विभाग ने 3 माह से रोका प्लांट मजदूरों ने कलेक्टर कार्यालय घेरा बोले वेतन दो या काम दो

वेलकम डिस्टलरी के 800 मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट तीन माह से बंद फैक्ट्री को चालू कराने कजलेक्टर कार्यालय तक निकाली रैली, ज्ञापन सौंपा
करगीरोड कोटा विकासखंड के ग्राम छेरकाबांधा में पिछले 30 वर्षों से संचालित वेलकम डिस्टलरी प्रा.लि. के बंद होने से करीब 800 महिला-पुरुष श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्लांट को चालू कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को श्रमिकों ने नेहरू चौक, बिलासपुर से कलेक्टर कार्यालय तक बड़ी रैली निकाली और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा और वेलकम कर्मचारी एसोसिएशन के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष श्रमिक रैली में शामिल हुए। इससे पहले श्रमिकों ने 10 सितंबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को रैली और धरना प्रदर्शन की सूचना देकर अनुमति मांगी थी।
तीन माह से बंद है प्लांट, पत्राचार के बाद भी नहीं मिला जवाब
श्रमिकों का कहना है कि पर्यावरण प्रदूषण विभाग ने लगभग तीन माह पहले किसी अन्य कारणों से प्लांट को बंद करने का आदेश दिया था। तब से कंपनी प्रबंधन द्वारा लगातार विभाग को पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं दिया गया और न ही निरीक्षण रिपोर्ट सौंपी गई।
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि प्लांट बंद होने के बावजूद संस्थान द्वारा अन्य जगहों से स्प्रिट लेकर बॉटलिंग के माध्यम से उत्पादन कराया जा रहा था, लेकिन अब वह भी बंद हो गया है। इससे पूरी तरह काम ठप हो गया है।
वेलकम सीईओ ने कहा – बॉटलिंग भी बंद करनी पड़ेगी प्लांट जल्द चालू नहीं हुआ तो बॉटलिंग विभाग सहित अन्य विभागों का भी कार्य बंद करना पड़ेगा। इससे कोटा क्षेत्र के आसपास के 800 मजदूरों और उनके परिवारों के सामने जीवन यापन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
श्रमिकों ने लगाया साजिश का आरोप
रैली में शामिल मजदूरों ने कहा कि 30 वर्षों में कभी प्रदूषण के कारण कंपनी बंद करने की नौबत नहीं आई। उन्हें शंका है कि दूसरी शराब कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए वेलकम डिस्टलरी को बंद करने की साजिश की जा रही है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
श्रमिकों ने मांग की है कि जब तक प्लांट शुरू नहीं होता, तब तक सभी 800 श्रमिकों को नियमित वेतन भुगतान के निर्देश दिए जाएं और प्रदूषण विभाग अपनी रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत कर प्लांट चालू कराए।
कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन लेने के बाद अधिकारियों ने श्रमिकों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही समस्या का समाधान कर बंद कंपनी को चालू कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि हजारों परिवारों को आर्थिक संकट से बचाया जा सके।


