
*रूद्रगंगा आश्रम की बावली जलमग्न, पीने योग्य नहीं रहा पानी*
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक में लगातार बारिश से रूद्रगंगा आश्रम की बावली जलमग्न, पीने योग्य नहीं रहा पानी
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में लगातार हो रही बारिश की वजह से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित रूद्रगंगा आश्रम में बनी छोटी बावली (कुंआ) का जल प्रदूषित हो गया है, जिससे वह पीने योग्य नहीं रह गया है । आश्रम में निवासरत संत-महात्माओं , सेवकों तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है ।
जानकारी के अनुसार आश्रम क्षेत्र में स्थित बावली से ही पेयजल की व्यवस्था होती रही है किन्तु लगातार वर्षा तथा वन विभाग द्वारा निर्मित स्टॉप डेम में जल भर जाने के कारण बरसाती पानी बावली में प्रवेश कर रहा है । इससे बावली का स्वच्छ जल प्रभावित हो गया है और उसमें गंदला पानी भर गया है ।
रूद्रगंगा आश्रम के महंत स्वामी सुबोध पुरी जी महाराज ने बताया कि वन विभाग द्वारा जल संरक्षण के उद्देश्य से यहां एक छोटा स्टॉप डेम बनाया गया है । पूर्व वर्षों में वर्षाकाल के दौरान डेम के गेट खोल दिए जाते थे जिससे अतिरिक्त पानी की निकासी होती रहती थी और रूद्रगंगा का जल निरंतर प्रवाहित रहता था । उनका कहना है कि लंबे समय से स्टॉप डेम के गेट बंद होने के कारण वर्षा का पानी रुक रहा है और वही पानी बावली में समाकर उसे प्रदूषित कर रहा है ।
महंत सुबोध पुरी ने कहा कि यदि वन विभाग स्टॉप डेम के गेट आंशिक रूप से खोलकर थोड़ा जल निकासी की व्यवस्था कर दे तो बावली में बरसाती पानी का प्रवेश कम हो जाएगा तथा उसका जल पुनः स्वच्छ एवं पेययोग्य बना रह सकेगा । वर्तमान स्थिति में आश्रम के संतों , सेवकों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है ।
उन्होंने यह भी बताया कि रूद्रगंगा क्षेत्र में वर्षाकाल के दौरान चार से पांच माह तक आवागमन एवं दैनिक व्यवस्थाएं प्रभावित रहती हैं । ऐसे समय में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक होती है । यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो यहां आने वाले यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है ।
उल्लेखनीय है कि रूद्रगंगा आश्रम में वर्तमान में स्वामी नर्मदा पुरी जी महाराज जो फक्कड़ बाबा के कृपापात्र शिष्य हैं तथा महंत स्वामी सुबोध पुरी जी महाराज द्वारा क्षेत्र की धार्मिक एवं सेवा गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है ।

