
*कोलवाशरी जनसुनवाई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्षों का शक्ति-प्रदर्शन मौजूदा अध्यक्ष रहे दूर*
कोटा ग्लोबल न्यूज नारायण यादव की रिपोर्ट

कोटा समाचार कोलवाशरी जनसुनवाई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्षों का शक्ति-प्रदर्शन, मौजूदा अध्यक्ष रहे दूरकरगीरोड-कोटा, 22 जून 2026* अमाली ग्राम पंचायत में 19 जून को कोलवाशरी प्रबंधन विराज अर्थफ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड की जनसुनवाई भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच पूरी हुई। जनसुनवाई में विपक्षी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया, वहीं सत्ताधारी दल के स्थानीय नेता नदारद रहे।*विरोध बना मुख्य मुद्दा* जनसुनवाई के दौरान स्थानीय कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के सामने माइक पर लगातार सवाल पूछकर विरोध जताया। वहीं कोलवाश्री से प्रभावित 16 पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की आपत्ति दर्ज कराने वालों की संख्या काफी कम रही।पंडाल के बाहर विराज अर्थफ्यूजन प्रबंधन के लोग ग्रामीणों से समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर करा रहे थे। इस दौरान कांग्रेसियों ने पत्र फाड़कर बवाल काट दिया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर मामले को शांत कराना पड़ा।पूर्व बनाम मौजूदा: कांग्रेस में दिखा मतभेद जनसुनवाई कोटा ब्लॉक कांग्रेस के दो पूर्व अध्यक्षों के शक्ति-प्रदर्शन का केंद्र बनी। वहीं मौजूदा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पूरी जनसुनवाई से दूर रहे, जो पूरे समय चर्चा का विषय बना रहा। कांग्रेसी नेताओं के बयानों में भी विरोधाभास दिखा। कुछ नेता पूरी तरह विरोध में दिखे, तो कुछ ने जिला प्रशासन से रोजगार, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क-पानी जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा।पिछली जनसुनवाई में विरोध करने वाले जनपद सदस्य भी इस बार नदारद रहे और उनका कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। स्थानीय विधायक, सांसद सहित मौजूदा जनपद सदस्यों का कोलवाश्री विरोध पर कोई आधिकारिक बयान न आना भी चर्चा में रहा।प्रबंधन का पक्ष रोजगार और CSR प्राथमिकता विरोध के बीच विराज अर्थफ्यूजन प्रबंधन ने कहा कि जनसुनवाई जिला प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण मंडल के प्रोटोकॉल के तहत पूरी हुई। स्थानीय युवाओं को रोजगार देना हमारी पहली प्राथमिकता है।प्रबंधन ने कहा कि CSR मद से क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं पर काम किया जाएगा। कांग्रेसी नेताओं द्वारा बाउंसर बुलाकर धमकाने के आरोपों को प्रबंधन ने निराधार बताया।

