*महामाया मंदिर विवाद को सांप्रदायिक रंग दे रहे बाहरी तत्व*

*रतनपुर बिलासपुर ग्लोबल न्यूज जिला प्रतिनिधि नीरज जायसवाल की रिपोर्ट*
रतनपुर का नाम भुना रहे छद्म तत्व, मंदिर परिसर की घटना को दे रहे सांप्रदायिक रंग – पं. रमेश शर्मा

रतनपुर में हिंदू-मुस्लिम विवाद नहीं, व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा को बनाया जा रहा जातिवाद का मुद्दा
रतनपुर ग्लोबल न्यूज– सिद्ध शक्तिपीठ श्री महामाया देवी मंदिर परिसर में हुई व्यावसायिक झड़प को कुछ बाहरी और छद्म तत्वों द्वारा जातिवाद और सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है, जिस पर वरिष्ठ नागरिक दैवज्ञ पंडित रमेश शर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई है।
पंडित शर्मा ने स्पष्ट किया कि रतनपुर में किऐसी भी प्रकार का हिंदू-मुसलमान झगड़ा नहीं हुआ है और न ही हिंदू वर्ग के प्रति किसी ने अपमानजनक भाषण दिया है। मंदिर परिसर में हुई घटना पूरी तरह व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के कारण हुई है। विवाद में शामिल चारों दुकानदारों का जन्म रतनपुर में ही हुआ है और आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण मानवता के नाते उन्हें परिसर में दुकान के लिए कमरा दिया गया था।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर के कुछ तथाकथित संगठन इस छोटी घटना को जबरदस्ती जातिवाद का रूप देना चाहते हैं। रतनपुर के नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें आमंत्रित नहीं किया है, वे सिर्फ रतनपुर के नाम को भुनाने में लगे हैं।
सोशल मीडिया पर 30 अगस्त को दोपहर 1 बजे प्रदर्शन की बात कही जा रही है, जो माहौल खराब करने की साजिश है। उन्होंने जिला व पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसे तत्वों को रतनपुर सीमा में ही रोककर गिरफ्तार किया जाए। रतनपुर हमेशा से हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की नगरी रही है।
बाहरी संगठनों को सीमा पर ही रोको











