*जलप्रपातों का अनुपम सौंदर्य पर्यटकों को कर रहा आकर्षित*

अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट

अमरकंटक की हरियाली और जलप्रपातों का अनुपम सौंदर्य पर्यटकों को कर रहा आकर्षित
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक इन दिनों सावन की रिमझिम फुहारों से सराबोर है । लगातार हो रही वर्षा ने पूरे क्षेत्र को हरियाली की मखमली चादर से ढक दिया है । बादलों की धुंध , शीतल हवाओं और प्राकृतिक सौंदर्य के अद्भुत संगम ने अमरकंटक को एक बार फिर प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा गंतव्य बना दिया है ।
अमरकंटक में श्रावण मास लगते और लगातार बारिश होने से अमरकंटक के घने वन क्षेत्र नए जीवन से भर उठे हैं । साल के घनघोर वृक्ष और अन्य वनस्पतियों से आच्छादित जंगल वर्षा जल से धुलकर और अधिक मनमोहक दिखाई दे रहे हैं । वृक्षों पर ठहरी जल की बूंदें , पक्षियों का मधुर कलरव और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों को प्रकृति के और करीब ले जा रही है ।
अमरकंटक में अनेक जगहों से श्रद्धालु , पर्यटक , स्कूली बच्चों का टूर यहां आता जाता रहता है । आषाढ़ , सावन , भादों मास का वर्षा ऋतु में अमरकंटक का प्रसिद्ध कपिलधारा जलप्रपात अपने पूरे वेग और भव्यता के साथ प्रवाहित होता रहता है । इसके साथ ही दूधधारा , सोनमूड़ा , शंभुधारा , दुर्गाधारा , माई का मंडप जैसे स्थानों पर भी ऊंची चट्टानों से गिरती जलधारा का मनोहारी दृश्य और उससे उठती शीतल फुहारें पर्यटकों को रोमांचित कर रही हैं । जलप्रपात के आसपास फैली हरियाली और बादलों की धुंध प्राकृतिक सौंदर्य को और अधिक आकर्षक बना रही है ।
वहीं अमरकंटक के अन्य क्षेत्र भी इन दिनों पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है । बादलों से ढकी घाटियां , दूर तक फैली पर्वत श्रृंखलाएं और सोन नदी के उद्गम स्थल की पवित्रता यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को विशेष अनुभव प्रदान कर रही है ।
पर्यटकों के आकर्षण का नया केंद्र बने रामसेतु ब्रिज रामघाट और ग्लास व्यू प्वाइंट कपिलधारा , सोनमूड़ा जैसे की छटा भी बारिश के मौसम में और निखर गई है । यहां की हरियाली , गहरी घाटियां और बादलों का अद्भुत दृश्य रोमांच और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है । युवा वर्ग सहित यहां स्मृति चित्र लेने और प्रकृति के अनुपम दृश्यों को कैमरे में कैद करने के लिए विशेष उत्साह दिखा रहा है ।
अमरकंटक में लगातार वर्षा से तापमान में गिरावट आई है , जिससे मौसम अत्यंत सुहावना और शीतल हो गया है । सुबह की धुंध और शाम के समय बादलों का फैलाव अमरकंटक को किसी पर्वतीय पर्यटन स्थल जैसा अलौकिक स्वरूप प्रदान कर रहा है ।
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे वर्षा के दौरान जलप्रपातों , फिसलन भरे मार्गों एवं गहरी घाटियों के समीप सावधानी बरतें तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करें ।
सावन की फुहारों से अभिषिक्त अमरकंटक इस समय अपने प्राकृतिक वैभव के चरम पर है । कपिलधारा का कलकल प्रवाह , सोनमुड़ा की मनोरम वादियां , घने जंगलों की हरियाली और ग्लास व्यू प्वाइंट का रोमांचकारी अनुभव मिलकर अमरकंटक को प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय पर्यटन स्थल बना रहे हैं ।
