*नगचुई स्कूल घोटाला नहीं लापरवाही है 1 महीने बाद भी BEO का नोटिस कागज में दफन*

कोटा ग्लोबल न्यूज रामनारायण यादव की रिपोर्ट
कोटा ग्लोबल न्यूज

*1 महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं शिक्षक के हौसले बुलंद*
*समय से पहले स्कूल बंद: BEO ने प्रभारी प्रधान पाठक को जारी किया कारण बताओ नोटिस, 3 दिन में मांगा था जवाब
सरकारी शिक्षा और नई शिक्षा नीति के दावों की हकीकत कोटा विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रही है। यहाँ शिक्षकों की लापरवाही के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
कोटा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला नगचुई में समय से पहले स्कूल बंद करने का मामला सामने आया है। 08 जुलाई 2026 को दोपहर 3:00 बजे स्कूल बंद होने की तस्वीर स्थानीय जनप्रतिनिधि रामविलास यादव ने विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कोटा गोपाल कृष्ण दुबे को भेजी थी।
शिकायतकर्ता रामविलास यादव का आरोप है कि नए सत्र से ही स्कूल में पदस्थ प्रभारी प्रधान पाठक सुधीर मानिकपुरी समय पर स्कूल नहीं आते। उल्टा समय से पहले ही स्कूल बंद करके चले जाते हैं। उनका कहना है कि नगचुई प्राथमिक शाला के शिक्षकों को बच्चों के भविष्य और अध्यापन से कोई मतलब नहीं है। स्कूल का दरवाजा या तो बच्चे खोलते हैं या सफाई कर्मी।
BEO ने जारी किया नोटिस
शिकायत मिलने पर BEO कार्यालय कोटा ने पत्र क्रमांक 688/स्था./2026 दिनांक 09/07/2026 जारी कर प्रभारी प्रधान पाठक से जवाब मांगा।
दिनांक 08.07.2026 को दोपहर 03:00 बजे शाला बंद कर दी गई। यह कृत्य सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत है। 3 दिवस में स्पष्टीकरण दें, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु उच्च कार्यालय भेजा जाएगा।
लेकिन शिकायतकर्ता का कहना है कि नोटिस जारी होने के 1 महीने बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। शिक्षक अब भी लापरवाह हैं।
सरकारी शिक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर दूर-दराज के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहा है कि कमजोर आर्थिक वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिलेगी जब शिक्षक ही बेखौफ होकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
फिलहाल शिक्षा विभाग ने जांच का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि 3 दिन में दिए गए जवाब के बाद विभाग क्या कार्रवाई करता है।
समय से पहले छुट्टी, बच्चे परेशान ग्रामीण स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
