
*भुगतान नहीं होने से पीएचई ठेकेदारों नें शर्ट उतारकर नवा रायपुर में किया प्रदर्शन*

रायपुर ग्लोबल न्यूज ब्यूरो की रिपोर्ट
बिलासपुर – छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग द्वारा जल जीवन मिशन समेत में कई सौ करोड़ का भुगतान न किए जाने पर ठेकेदारों ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर में शर्ट उतारकर जोरदार प्रदर्शन कर सरकार को लंबित भुगतान करने संज्ञान दिलाया पिछले डेढ साल से अधिक समय हो गए है लेकिन पीएचई. ठेकेदारों को विभाग नें भुगतान नही किया जिसके कारण विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे ठेकेदारों नें प्रदर्शन किया l ठेकेदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला के नेतृत्व में अर्धनग्न प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में पहुंचे ठेकेदारों ने शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और सरकार से करोड़ों रुपये के लंबित भुगतान को तत्काल जारी करने की मांग की है l
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में वर्षों से ठेकेदारों का भुगतान लंबित है। निर्माण कार्य समय पर पूर्ण करने के बावजूद विभागीय प्रक्रियाओं, तकनीकी आपत्तियों और नए नियमों के नाम पर भुगतान रोका जा रहा है। इससे ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और कई निर्माण एजेंसियां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों ने अपनी पूंजी, बैंक ऋण और निजी संसाधनों से विकास कार्य पूरे किए हैं, लेकिन भुगतान नहीं मिलने से मजदूरों का वेतन, मशीनों की किस्त, डीजल, निर्माण सामग्री के सप्लायरों का भुगतान और बैंक ऋण की ईएमआई तक चुकाना मुश्किल हो गया है। अनेक ठेकेदार आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ तले दब गए हैं।
बीरेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित विभाग बार-बार आश्वासन तो देते हैं, लेकिन भुगतान के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित होंगे और नई परियोजनाओं में भी ठेकेदार भाग लेने से पीछे हटेंगे।
प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण हजारों इंजीनियरों, कर्मचारियों, मशीन ऑपरेटरों और निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। समय पर भुगतान नहीं मिलने का सीधा असर प्रदेश की विकास परियोजनाओं पर पड़ रहा है।
ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर सभी विभागों के लंबित भुगतान तत्काल जारी करने तथा भुगतान के लिए समयबद्ध व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। आने वाले दिनों में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन, विधानसभा घेराव तथा अनिश्चितकालीन आंदोलन जैसे बड़े कदम उठाए जाएंगे।

