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*अमरकंटक में 3 से 9 सितंबर तक बहेगी श्रीमद्भागवत कथा की भक्तिमयी रसधारा*

अमरकंटक ग्लोबल न्यूज / श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट

श्री कल्याण सेवा आश्रम में होगा भव्य आयोजन,जन्माष्टमी महोत्सव,महाआरती एवं पूर्णाहुति बनेंगे आकर्षण का केंद्र


अमरकंटक / मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र  नगरी अमरकंटक जो मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ स्थल है । अमरकंटक में एक बार फिर श्रीमद्भागवत कथा की दिव्य रसधारा से सराबोर होने जा रहा है । नगर में स्थित श्री कल्याण सेवा आश्रम में 3 से 9 सितंबर 2026 तक श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा । कथा का वाचन प्रसिद्ध भागवताचार्य डॉ. पं. नरेंद्र पाण्डेय जी महाराज (सोनमूड़ा आश्रम अमरकंटक) द्वारा किया जाएगा ।
आयोजन में राजस्थान के जयपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे ।

आयोजन समिति के अनुसार 3 सितंबर को प्रातः मां नर्मदा उद्गम स्थल पर विधिवत भागवत पूजन एवं कलश पूजन के पश्चात भव्य कलश यात्रा एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी । श्रद्धालु नर्मदा उद्गम से पवित्र जल लेकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री कल्याण सेवा आश्रम पहुंचेंगे । वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच कथा का शुभारंभ होगा ।
कथा के दौरान भगवान के 24 अवतार , भक्ति महिमा , सुखदेव-परिक्षित संवाद , ध्रुव चरित्र , प्रह्लाद चरित्र , गजेन्द्र मोक्ष , वामन अवतार , श्रीराम एवं श्रीकृष्ण चरित्र , गोपी गीत , रुक्मिणी मंगल तथा उद्धव-गोपी संवाद जैसे दिव्य प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा ।

4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव विशेष आकर्षण रहेगा । रात्रि 8 बजे से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का भव्य आयोजन होगा , जिसमें भजन , कीर्तन और झांकी दर्शन के माध्यम से भक्तजन नंदोत्सव का आनंद लेंगे ।
इसके अतिरिक्त 7 सितंबर को मां नर्मदा तट स्थित रामघाट पर भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा , जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है ।

कथा के अंतिम दिन 9 सितंबर को सुदामा चरित्र , परीक्षित मोक्ष एवं भक्त चरित्रों का वर्णन किया जाएगा । इसके पश्चात दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक हवन , पूर्णाहुति एवं व्यास पूजन के साथ सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ का समापन होगा ।

आयोजन समिति ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक पूजन-अर्चन तथा प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक कथा का आयोजन होगा । समिति ने अमरकंटक एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है ।
सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन से संपूर्ण अमरकंटक क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण निर्मित होगा तथा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के साथ श्रद्धा , भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा ।

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