
*सीवी रमन विवि के कुलपति प्रो. घोष को इमीनेंस अवार्ड विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया सम्मानित*

रायपुर ग्लोबल न्यूज ब्यूरो की रिपोर्ट
*शोध नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान के लिए सीवी रमन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार घोष को मिला इमीनेंस अवार्ड*
बिलासपुर दैनिक भास्कर मीडिया समूह द्वारा राजधानी रायपुर में आयोजित गरिमामय समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायी कार्य करने वाली विशिष्ट हस्तियों को इमीनेंस अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार घोष को शिक्षा, शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कर-कमलों से प्रदान किया गया।
प्रो. प्रदीप कुमार घोष लंबे समय से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय ने शिक्षा की गुणवत्ता सुदृढ़ करने के साथ-साथ शोध गतिविधियों, उद्योग-अकादमिक सहयोग, कौशल आधारित शिक्षा तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास* को प्राथमिकता दी है।
विश्वविद्यालय में अनुसंधान की संस्कृति को प्रोत्साहित करने नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा रोजगारोन्मुखी शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं। प्रो. घोष ने नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग और बहुविषयक शिक्षा की अवधारणा पर विशेष बल दिया है।
उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों और शोधार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध, प्रकाशन और नवाचार से जुड़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित कर विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान एवं आधुनिक तकनीकी कौशल उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए गए हैं।
इमीनेंस अवार्ड प्राप्त करने पर प्रो. प्रदीप कुमार घोष ने कहा कि यह सम्मान केवल मेरा व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, शोधकर्ताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों की पहचान है। हमारा उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और समाजोपयोगी शिक्षा के माध्यम से ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो ज्ञान, कौशल और मानवीय मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।”
विश्वविद्यालय परिवार ने प्रो. घोष को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संस्थान शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करेगा तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा।