*मां नर्मदा की नगरी का द्वार बदहाल शासन प्रशासन कुंभकर्णी नींद में*

अमरकंटक ग्लोबल न्यूज श्रवण उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक करोड़ों से बना वैतरणी बस स्टैंड खंडहर में तब्दील – जिम्मेदार कौन?बस स्टैंड पर पसरा सन्नाटा, प्रशासन मौन विकास की पहचान रहा बस स्टैंड आज बदहाली का शिकार, श्रद्धालु परेशान
मां नर्मदा की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक का प्रमुख *वैतरणी बस स्टैंड* इन दिनों उपेक्षा और बदहाली का दंश झेल रहा है। कभी बेहतर सुविधाओं के लिए जाना जाने वाला यह बस स्टैंड आज जर्जर हालत में है, जबकि रोज हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहीं से गुजरते हैं।
यह बस स्टैंड विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) द्वारा हुडको की IDSMT योजना के तहत बनाया गया था। तत्कालीन साडा अध्यक्ष भोलानाथ राव और केंद्रीय राज्यमंत्री दलबीर सिंह की पहल से बना यह स्टैंड कभी रीवा संभाग की पहचान माना जाता था।
*वर्तमान हालत चिंताजनक*
– परिसर में जगह-जगह गंदगी, दुर्गंध और पानी का रिसाव
– निचले हिस्से में सीलन और काई, फिसलन से यात्री परेशान
– सड़कें क्षतिग्रस्त, खिड़कियों-रोशनदानों के कांच टूटे, बारिश का पानी अंदर
– प्रकाश व्यवस्था, पंखे, स्वच्छ पेयजल और बैठने की व्यवस्था बदहाल
– दुकानों के शटर जर्जर, आवारा पशुओं का जमावड़ा
स्थानीय लोगों का कहना है कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह बस स्टैंड अमरकंटक का प्रवेश द्वार है। इसकी अव्यवस्था पर्यटन नगरी की छवि खराब कर रही है। साफ-सफाई, सड़क मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था और जल निकासी के काम प्राथमिकता से होने चाहिए।
कभी दूरदर्शी सोच का प्रतीक रहा यह बस स्टैंड आज अपने पुराने गौरव की पुनर्स्थापना का इंतजार कर रहा है।

