
*अमरकंटक में निर्जला एकादशी पर उमड़ी आस्था *
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक में निर्जला एकादशी पर उमड़ी आस्था , हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई नर्मदा में डुबकी ,
सैकड़ों नवजातों का हुआ मुंडन संस्कार
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में निर्जला एकादशी (भीमसैनी ग्यारस) के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला । ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी एवं शुभ धार्मिक संयोग पर हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया , वहीं सैकड़ों नवजात बालक-बालिकाओं का छौर कर्म (मुंडन) संस्कार भी विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया ।
अमरकंटक में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं का नर्मदा तटों पर पहुंचना प्रारंभ हो गया था । श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में स्नान , ध्यान , जप-तप एवं पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि , उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की । इसके बाद श्रद्धालुओं ने नर्मदा उद्गम मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया ।
निर्जला एकादशी के अवसर पर पुष्पराजगढ़ , अनूपपुर , शहडोल , कोरबा , बिलासपुर , गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित विभिन्न क्षेत्रों के अलावा राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे । रामघाट , कोटितीर्थ कुंड , पुष्कर बांध एवं आरंडी संगम सहित प्रमुख स्नान स्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही ।
इसी दौरान मां नर्मदा उद्गम मंदिर के समीप पावन तट पर सैकड़ों नवजात बच्चों का मुंडन संस्कार भी धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ । संस्कार के बाद परिजनों ने मां नर्मदा का पूजन कर बच्चों के सुखद , स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की । मंगल गीतों , जयकारों एवं पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा ।
नाई-सेन समाज के कारीगरों द्वारा बच्चों का मुंडन संस्कार संपन्न कराया गया । वर्तमान माह का अंतिम शुभ मुहूर्त होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने बच्चों का संस्कार कराने अमरकंटक पहुंचे , जिससे उद्गम क्षेत्र में दिनभर विशेष चहल-पहल बनी रही ।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत एवं स्नान सभी एकादशियों के समान पुण्यफल प्रदान करता है, वहीं मां नर्मदा के पावन तट पर मुंडन संस्कार को बालक के जीवन में सुख , समृद्धि एवं शुभता का प्रतीक माना जाता है । यही कारण है कि इस अवसर पर अमरकंटक में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था देखने को मिली ।

