
*सीमांकन के लिए ग्रामीणों को महीनों घुमाने का आरोप एवं पत्रकार से दुर्व्यवहार*
खोगसरा ग्लोबल न्यूज प्रदीप शर्मा की रिपोर्ट
कोटा विकासखंड के बेलगहना क्षेत्र की ग्राम पंचायत डांडबछाली में सीमांकन को लेकर गंभीर आरोप
*सीमांकन के लिए ग्रामीणों को महीनों घुमाने का आरोप, पत्रकार से दुर्व्यवहार और आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला गरमाया*
कोटा विकासखंड के बेलगहना क्षेत्र की ग्राम पंचायत डांडबछाली में सीमांकन को लेकर राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सीमांकन के लिए कई बार आवेदन और निवेदन किए, लेकिन लंबे समय तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों के अनुसार सुशासन तिहार में आवेदन देने के बाद राजस्व अमला, पटवारी और राजस्व निरीक्षक (आरआई) गांव पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों के व्यवहार को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि उनसे सम्मानजनक ढंग से बात नहीं की गई।
पत्रकार से दुर्व्यवहार का आरोप
मौके पर मौजूद बेलगहना पत्रकार संघ के वरिष्ठ पत्रकार मजहर खान ने ग्रामीणों की शिकायतों और सीमांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल पूछे। आरोप है कि इस पर राजस्व निरीक्षक ने पत्रकार से नाराजगी जताते हुए वीडियो और फोटो बनाने पर आपत्ति की तथा कहा, “तुम वीडियो-फोटो क्यों ले रहे हो, किसने कहा है? यहां से चले जाओ या फिर तुम ही जमीन नाप लो।”
पत्रकारों का कहना है कि यह व्यवहार स्वतंत्र पत्रकारिता और सूचना एकत्र करने के अधिकार के विपरीत है।
*पटवारी पर भी गंभीर आरोप ग्रामीणों ने पटवारी राम रमेश बागड़ी पर भी आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया है।*
ग्रामीणों का दावा है कि बातचीत के दौरान *पटवारी द्वारा कुछ व्यक्तियों के लिए जातिसूचक और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया तथा कथित रूप से यह कहा गया कि वह संबंधित भूमि का सीमांकन नहीं होने देंगे।*
*यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला न केवल शासकीय आचरण के उल्लंघन का बल्कि अनुसूचित जाति समुदाय के प्रति अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े गंभीर कानूनी पहलुओं का भी हो सकता है।*
पत्रकार संघ करेगा शिकायत
घटना के बाद क्षेत्र के पत्रकारों में नाराजगी व्याप्त है। बेलगहना पत्रकार संघ के अध्यक्ष रवि राज ने बताया कि पत्रकार संघ के सदस्य कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
पत्रकार संघ का कहना है कि यदि सरकारी अधिकारियों द्वारा पत्रकारों और ग्रामीणों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। संघ ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
