
*अचानकमार टाइगर रिजर्व में फायरिंग मामला: डिप्टी डायरेक्टर को हटाने की मांग*

*कोटा ग्लोबल न्यूज लाइव वेब रामनारायण यादव की रिपोर्ट*
ATR
वन मंत्री को जानकारी होने के बाद भी अभी तक क्यों नहीं हटाया गया डिप्टी डायरेक्टर को?
अचानकमार टाइगर रिजर्व में हुई फायरिंग की घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन चौथा आरोपी अब भी फरार है, जो एक भाजपा नेता का बेटा बताया जा रहा है ¹
फायरिंग की घटना, आरोपियों की गिरफ्तारी, और डिप्टी डायरेक्टर को हटाने की मांग
“तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार”
“वन विभाग के सूत्रों के अनुसार”
– टाइगर रिजर्व में फायरिंग: तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
अचानकमार टाइगर रिजर्व में हुई फायरिंग की घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन चौथा आरोपी अब भी फरार है, जो एक भाजपा नेता का बेटा बताया जा रहा है वन विभाग की निष्पक्षता और सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य गोपाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री, केंद्रीय वन मंत्री और राज्य वन मंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने एटीआर के डिप्टी डायरेक्टर यू आर गणेश को हटाने की मांग की है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि सुरही रेंज रसूखदार लोगों के लिए टाइगर रिजर्व में प्रवेश का आसान रास्ता बन चुका है, जहां न तो बैरियर पर सख्ती है और न ही नियमों का सही तरीके से पालन किया जा रहा है।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या अचानकमार जैसे संवेदनशील टाइगर रिजर्व में वन्यजीव वास्तव में सुरक्षित हैं, या फिर रसूख और दबाव के आगे कानून कमजोर पड़ गया है। पूरे छ,ग की नजरें अब इस मामले में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करके छोड़ दिया जाता है बड़े अधिकारीअपना पल्ला झाड़ लेते हैं । इसी कड़ी में ए टीआर के सुरही रेंज में हुई फायरिंग के मामले में वन विभाग ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर लोरमी के एक फार्म हाउस से तीसरी बंदूक बरामद की है। हालांकि, विभाग ने इसका खुलासा नहीं किया कि यह फार्म हाउस किसका है, इसे लेकर विभाग पर सवाल उठ रहे हैं।दिसंबर के अंतिम सप्ताह में लोरमी क्षेत्र के चार युवकों ने खुड़िया के जमुनाही बैरियर से टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया था। जंगल के भीतर इन युवकों ने न केवल रात में आग जलाई, बल्कि अंधाधुंध फायरिंग भी की। युवकों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद वन विभाग हरकत में आया।
एक आरोपी अब भी फरार इस मामले में एक आरोपी अब भी फरार। बताया जा रहा है कि फरार युवक एक रसूखदार भाजपा नेता का पुत्र है, जिसके कारण वन विभाग उस पर हाथ डालने से कतरा रहा है। मामले में एटीआर प्रबंधन के अधिकारियों ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है।

