*पोषण भी पढ़ाई भी उमरिया दादर में अनोखी पहल*

!!!बिलासपुर/रतनपुर ग्लोबल न्यूज जिला प्रतिनिधि नीरज जायसवाल की रिपोर्ट!!!
*उमरिया दादर में क्षितिज की अनोखी पहल बिरहोर बच्चों के पोषण और शिक्षा की बनी सहारा*
*रतनपुर / उमरिया दादर* बदलाव हमेशा बड़ी योजनाओं से नहीं आता, कभी-कभी छोटी और ईमानदार कोशिशें बड़ा बदलाव ला देती हैं। ऐसी ही एक कोशिश रतनपुर के ग्राम उमरिया दादर में क्षितिज समाज सेवी संस्था ने की है।
पंचायत भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय सहित अन्य जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने, शिक्षा से जोड़ने और समाज में समान अधिकार दिलाने के लिए सार्थक पहल की गई।
*पिछले तीन साल से लगातार सेवा*
यह पहल कोई एक दिन की नहीं है। क्षितिज संस्था पिछले तीन वर्षों से प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए निरंतर यह कार्य कर रही है। बच्चों को पोषण और शिक्षा – दोनों ही मोर्चों पर संबल दिया जा रहा है।
संस्था की ओर से बच्चों को दूध, बिस्किट, दाल-चावल जैसी पोषण सामग्री के साथ-साथ स्कूल बैग, किताबें और यूनिफॉर्म भी वितरित की जा रही है। उद्देश्य सिर्फ एक – आर्थिक तंगी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा और बेहतर भविष्य से वंचित न रहे।
*जब सभी समाज एक साथ आए*
कार्यक्रम की सबसे बड़ी खूबी रही सामाजिक समरसता। सभी वर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे एकता की मिसाल बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. चंद्र प्रकाश देवरस, अनिल व्यास, अजय श्रीवास्तव, संतोष तिवारी, किशन तंबोली उपस्थित रहे।
वहीं ग्राम सरपंच संतोषी पैकरा, बिरहोर समाज के मुखिया गोपाल राम, बैगा समाज के मुखिया लखन तथा धनवार समाज से सुखदेव एवं उत्तरा ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सामाजिक समरसता का प्रतीक बना दिया। कार्यक्रम के लिए आवश्यक सहयोग सामग्री ज्ञानआधार शास्त्री के सौजन्य से उपलब्ध कराई गई।
संस्था के सदस्यों ने कहा हमारा उद्देश्य है कि समाज का कोई भी बच्चा कुपोषण, अशिक्षा या आर्थिक अभाव के कारण अपने अधिकारों से वंचित न रहे। यह छोटी सी पहल है, लेकिन हमें विश्वास है कि यही पहल आने वाले समय में इन बच्चों के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाएगी।
ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से ही बिरहोर जैसे विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।



