*ब्रेकिंग न्यूज़ PPO जारी खाते में पैसा फिर भी 30 दिन से भुगतान नहीं लेखा नियंत्रक की मनमानी*

बिलासपुर ग्लोबल न्यूज हरि अग्रवाल की रिपोर्ट
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में पेंशनरों पर अत्याचार

सेवानिवृत्त शिक्षक संघ, IGKV रायपुर
कृषि विश्वविद्यालय में पेंशनरों पर अत्याचार ऑडिट पूरा, PPO जारी, विवि खाते में राशि, फिर भी 30 दिनों से पेंशन भुगतान लंबित लेखा नियंत्रक की मनमानी
रायपुर- इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सेवानिवृत्त शिक्षक संघ ने लगभग 35 सेवानिवृत्त प्राध्यापकों / वैज्ञानिकों / कर्मचारियों के Pension Payment Order (PPO) जारी होने के बावजूद पिछले लगभग 30 दिनों से पेंशन एवं ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किए जाने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।
संघ ने कहा है कि जिन पेंशन प्रकरणों को लगभग दो वर्षों तक लंबित रखा गया, उन्हें विश्वविद्यालय की निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर परीक्षण एवं सत्यापन के बाद Joint Director Audit को भेजा गया। ऑडिट के उपरांत कुलपति के अनुमोदन से लगभग 35 PPO जारी किए गए। इसके बावजूद भी लेखा नियंत्रक श्रीमती मनीषा नाग द्वारा भुगतान रोक दिया जाना अत्यंत गंभीर विषय है।
तीन दिन में PPO जारी हो सकता है, तो 30 दिन में भुगतान क्यों नहीं?
संघ ने कहा कि लेखा नियंत्रक के चिकित्सा अवकाश के दौरान उप लेखा नियंत्रक को प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रभार दिया गया। लंबित प्रकरणों को Joint Director Audit भेजे जाने के बाद लगभग तीन दिनों में लगभग 35 PPO जारी हो गए। जब वर्षों से लंबित प्रकरणों का परीक्षण और ऑडिट कराकर तीन दिन में PPO जारी हो सकते हैं, तो जारी PPO के आधार पर पेंशन एवं ग्रेच्युटी का भुगतान 30 दिन बाद भी क्यों नहीं?
लिखित आश्वासन की भी अनदेखी
संघ के अनुसार लेखा नियंत्रक द्वारा 07 सितंबर 2026 को लिखित आश्वासन दिया गया था कि बैंक खाते में आवक राशि आते ही पेंशन एवं ग्रेच्युटी का भुगतान कर दिया जाएगा। संघ के अनुसार 09 सितंबर 2026 को विश्वविद्यालय के बैंक खाते में आवक निधि उपलब्ध हो गई, लेकिन इसके बावजूद लगभग 30 दिनों से लंबित PPO के आधार पर भुगतान नहीं किया गया।
पेंशन कोई एहसान नहीं सेवानिवृत्त कर्मचारी का अधिकार है
संघ ने कहा है कि जिन प्रोफेसरों और कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय में दशकों तक सेवा दी, उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद अपनी पेंशन एवं ग्रेच्युटी के लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग दो वर्ष तक पेंशन प्रकरण लंबित रहने के कारण संघ को 24 दिनों तक आंदोलन करना पड़ा।
मुख्य सचिव के निर्देशों की अनदेखी
मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन ने 22 जुलाई 2026 को निर्देशित किया कि सभी विभाग पेंशन प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर संभवतः सेवानिवृत्ति की तिथि पर ही PPO जारी कर समय पर पेंशन भुगतान प्रारंभ करें। वित्त विभाग ने भी 2007, 2012, 2018 और 2021 में निर्देश जारी किए हैं।
संघ जानना चाहता है कि जब कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ शासन के ही पेंशन नियम लागू हैं तो क्या लेखा नियंत्रक श्रीमती नाग द्वारा निर्देशों की अवहेलना करना शासन को स्वीकार्य है? संघ का आरोप है कि विगत 1 वर्ष से कुछ सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को पेंशन एवं ग्रेच्युटी के नाम पर एक रुपया भी नहीं दिया गया है।
कुलाधिपति-माननीय राज्यपाल से लेकर वित्त विभाग तक हस्तक्षेप की मांग
सेवानिवृत्त शिक्षक संघ ने इस मामले में महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति, मुख्य सचिव, वित्त सचिव, कृषि सचिव तथा संचालक, कोष एवं लेखा सहित संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है। संघ ने मांग की है कि उच्च स्तर से तत्काल हस्तक्षेप कर सभी जारी PPO के आधार पर तत्काल पेंशन एवं ग्रेच्युटी का भुगतान कराया जाए।



