*बाबा धाम जलाभिषेक करने10 अगस्त को होगा कांवरिया संघ रवाना*

भाटापारा ग्लोबल न्यूज जुगल किशोर तिवारी की रिपोर्ट

*बाबा धाम में जलाभिषेक करने जय भोले कांवरिया संघ 10 अगस्त को होगा रवाना*
*कांवरिया संघ का 25 वाँ वर्ष*
भाटापारा 8 अगस्त/जय भोले कांवरिया संघ द्वारा प्रति वर्ष पवित्र श्रावण मास में झारखंड के देवघर में स्थित वैद्यनाथ धाम (रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग) में विश्व के कल्याणार्थ जलाभिषेक किया जाता है इस वर्ष कांवरिया संघ अपने 125 सदस्यों के साथ अपनी 25 वें वर्ष की कांवर यात्रा में बाबा वैद्यनाथ को जलार्पण करने 10 अगस्त को रवाना होगा 25 वाँ रजत जयंती वर्ष होने के कारण कांवरियों का उत्साह देखते ही बन रहा है 11 अगस्त को सुल्तान गंज बिहार से उत्तर वाहिनी गंगा का जल लेकर 110 किलोमीटर पैदल चलकर 15 अगस्त को बाबा धाम झारखंड पहुंच भगवान शंकर का जलाभिषेक किया जाएगा 15 अगस्त होने के कारण कांवर को सुंदर राष्ट्रीय ध्वज के रंगों से सुसज्जित किया गया है एवं मार्ग में रुकने वाले स्थान में प्रति दिन भगवान शंकर का पार्थिव शिवलिंग पूजन,अभिषेक एवं भजन कीर्तन किया जाएगा इस कांवर यात्रा में भाटापारा के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के अलावा रायपुर,दुर्ग, भिलाई सहित महाराष्ट्र के भी कांवरिया सम्मलित होते है पूर्व के वर्ष में जय भोले कांवरिया संघ के एक कांवरिया बंधु को डाक बम बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । ज्ञात हो कि जय भोले कांवरिया संघ द्वारा भाटापारा नगर में महा शिवरात्रि का पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है जिसमें शिव जी की विशाल बारात के साथ ही 111 जोड़ो द्वारा पार्थिव शिवलिंग पूजन व अभिषेक किया जाता है जो नगर के शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है । जय भोले कांवरिया संघ द्वारा पूर्व मे भाटापारा शहर में प्रथम बार शिवमहापुराण का आयोजन किया गया था जिसमें शिव कथा वाचक के रूप में सांवरकुंडला गुजरात के विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक गिरिबापु द्वारा शिव महापुराण की कथा का वाचन किया गया था जिसका हजारों श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया था संघ द्वारा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 में शीतल जल हेतु वाटर कूलर मशीन लगाई गई जिसका उद्घाटन गिरिबापु के करकमलों द्वारा किया गया था वर्तमान में संघ के द्वारा प्रति मंगलवार को कुली हनुमान मंदिर रेल्वे स्टेशन के सामने भंडारे का आयोजन किया जाता है जिसमें सैकड़ों लोग प्रसादी प्राप्त करते है उक्त जानकारी संघ के आचार्य पंडित हरगोपाल शर्मा द्वारा दी गई
