
*बब्बा की बाड़ी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन*
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
जयपुर से पधारे कथा व्यास वैष्णव भूषण-घनश्याम दास जी महाराज के श्रीमुख से श्रद्धालुओं ने किया भागवत रसपान
कथा में सम्मिलित हुए शांतिकुटी आश्रम के श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित बब्बा की बाड़ी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन बुधवार 10 जून 2026 को है । यह सात दिवसीय कथा 4 जून से प्रारंभ हुई थी, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर भगवान श्रीहरि की दिव्य कथाओं का श्रवण कर रहे हैं ।
राजस्थान के जयपुर से पधारे कथा व्यास वैष्णव भूषण , घनश्याम दास जी महाराज विगत एक सप्ताह से श्रीमद्भागवत महापुराण के विविध प्रसंगों, भगवान विष्णु के अवतारों तथा श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन कर रहे हैं । उनके श्रीमुख से प्रवाहित हो रहे भागवत अमृत का रसपान कर श्रद्धालु भक्तिभाव से सराबोर हो रहे हैं ।
मां नर्मदा के पावन तट पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र के वातावरण को भक्तिमय बना दिया है । राजस्थान के जयपुर एवं अन्य स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने अमरकंटक की पवित्र भूमि पर कथा श्रवण कर स्वयं को धन्य अनुभव किया ।
कथा के दौरान शांतिकुटी आश्रम के श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज भी उपस्थित रहे । उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि मां नर्मदा का तट स्वयं में अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण स्थल है । यहां भगवान की कथा का श्रवण करने से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है ।
उन्होंने कहा कि अमरकंटक केवल मां नर्मदा की उद्गम स्थली ही नहीं बल्कि ऋषि-मुनियों की तपोभूमि भी है । ऐसे दिव्य स्थान पर भागवत कथा का आयोजन और श्रवण श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य का विषय है । शास्त्रों में भी नर्मदा तट पर सत्संग , कथा श्रवण और भक्ति साधना को अत्यंत फलदायी बताया गया है । नर्मदा मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी ने अमरकंटक व मां नर्मदा जी से संबंधित समस्त जानकारीया श्रद्धालुजनों को कथा के बाद प्रदान कराते रहे । कथा के समापन अवसर पर विशेष पूजन , महाआरती एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है ।
बब्बा की बाड़ी के प्रमुख ऋषभ प्रताप सिंह ने बताया कि इस स्थान पर धार्मिक आयोजन , कथा , सत्संग एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं । यहां श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से मिल जाती हैं । साथ ही मां नर्मदा मंदिर की निकटता के कारण श्रद्धालु नर्मदा स्नान , पूजन-अर्चन एवं दर्शन का लाभ भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं । यहां पर नर्मदा परिक्रमा वासियों को निःशुल्क ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था रहती है ।

