
*अमरकंटक में ग्रीष्मकालीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग 05 से 12 मई तक चलेगा *
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में विद्या भारती महाकौशल वनांचल शिक्षा सेवा न्यास द्वारा संचालित सरस्वती जनजातीय संस्कार केंद्रों का ग्रीष्मकालीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग 05 मई 2026 से प्रारंभ होकर 12 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है ।
इस प्रशिक्षण वर्ग में अनूपपुर एवं डिंडोरी जिले के जनजातीय आचार्य प्रशिक्षण वर्ग में सहभागिता कर रहे हैं । प्रशिक्षण के माध्यम से आचार्यों को शिक्षा के साथ-साथ योग शिक्षा , संगीत शिक्षा , आध्यात्मिक शिक्षा एवं शारीरिक शिक्षा का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है ताकि वे जनजातीय समाज के भैया-बहनों को संस्कारयुक्त शिक्षा दे सकेंगे ।
संस्कार केंद्रों के माध्यम से जनजातीय समाज को अपनी संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़कर रखने का प्रयास किया जा रहा है । प्रशिक्षण वर्ग में आचार्यों को समाज में संस्कार आधारित शिक्षा के महत्व और उसके व्यवहारिक पक्षों की जानकारी दी जा रही है ।
प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र में विद्यालय के पूर्व अध्यक्ष अंबिका प्रसाद तिवारी , विद्यालय के प्राचार्य रोहित लाल त्रिपाठी , जनजातीय छात्रावास अधीक्षक राम प्रसाद राम , डिंडोरी जिले के जिला समन्वयक बेनी प्रसाद साहू , सिंगरौली जिले के जिला समन्वयक रामदयाल सिंह , अनूपपुर जिले के जिला समन्वयक राम शरण चंद्रवंशी सहित अनूपपुर एवं डिंडोरी जिले के सभी संकुल समन्वयक उपस्थित है ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में अंबिका प्रसाद तिवारी ने विद्या भारती की विकास यात्रा विषय पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए संगठन के शिक्षा एवं संस्कार आधारित कार्यों की जानकारी दी ।
विद्यालय के प्राचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ग्रीष्मकालीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग 05 मई से प्रारंभ होकर 12 मई 2026 तक यह चलेगा ।

