
*अमरकंटक में कुओं की सफाई की मांग*
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक में सार्वजनिक कुओं की जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सफाई की मांग
भीषण गर्मी में पेयजल संकट के बीच पुराने कुएं बने सहारा , नागरिकों ने नगर परिषद से शीघ्र सफाई की अपील
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक मध्य प्रदेश शासन के दिशा-निर्देशानुसार प्रदेशभर में जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है । इसी क्रम में पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित नगर परिषद अमरकंटक द्वारा भी इस अभियान के अंतर्गत जल स्रोतों के संरक्षण , स्वच्छता एवं सफाई को लेकर विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं ।
भीषण गर्मी के कारण क्षेत्र के अनेक जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं तथा पेयजल योजनाएँ भी आए दिन बाधित हो रही हैं । ऐसी विषम परिस्थितियों में नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में स्थित पुराने सार्वजनिक कुएँ आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बने हुए हैं । इन कुओं के माध्यम से पेयजल आपूर्ति हो रही है , जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ पर्यटक एवं तीर्थयात्री भी अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं ।
नगर परिषद क्षेत्र के रामघाट पार्किंग , कपिला संगम , हिंडालको , बराती , जमुना दादर , टिकरी टोला सहित विभिन्न स्थानों पर स्थित सार्वजनिक कुओं की नियमित साफ-सफाई अत्यंत आवश्यक मानी जा रही है । कई कुओं में गंदगी , कचरा एवं जल प्रदूषण की स्थिति बनी हुई है जिससे स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता प्रभावित हो रही है । इसके बावजूद मजबूरीवश लोग इन्हीं कुओं के जल का उपयोग कर रहे हैं ।
जल गंगा संवर्धन अभियान के उद्देश्य को सफल बनाने तथा स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए इन प्राचीन जल स्रोतों का संरक्षण और सफाई समय की आवश्यकता बन गई है । स्थानीय गणमान्य नागरिकों , तीर्थयात्रियों एवं आमजन ने नगर परिषद अमरकंटक से मांग की है कि सार्वजनिक कुओं की तत्काल साफ-सफाई करवा कर जल स्रोतों का संवर्धन हो सके और लोगों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके ।
