
*1238वीं जयंती पर आदि गुरु शंकराचार्य जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई*
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक – मां नर्मदा नदी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक में बुधवार 22 अप्रैल 2026 को गीता स्वाध्याय मंदिर के प्रमुख स्वामी नर्मदानंद गिरी जी महाराज के सानिध्य में अमरकंटक संत मंडल द्वारा पूज्य आदि गुरु शंकराचार्य जी की 1238वीं जयंती बड़े उल्लास पूर्वक धूमधाम के साथ मनाई गई ।
इस अवसर पर गीता स्वाध्याय आश्रम में आदि गुरु शंकराचार्य जी की पूजन-अर्चन के पश्चात गीता स्वाध्याय आश्रम से भव्य शोभायात्रा निकाली गई ।
शोभायात्रा में शंकराचार्य जी द्वारा रचित विभिन्न श्लोकों का संगीतमय गायन किया गया । यात्रा नर्मदा मंदिर द्वार पर पूजन-अर्चन करते हुए नगर भ्रमण पर निकली और पंडित दीनदयाल चौक (नाका) होते हुए पुनः उद्गम स्थल नर्मदा मंदिर पहुंचकर यात्रा संपन्न हुई ।
स्वामी नर्मदानंद गिरी जी महाराज ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ शोभायात्रा का आयोजन किया गया । इसके पश्चात गीता स्वाध्याय आश्रम में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है ।
श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज शांति कुटी आश्रम ने बताया कि 788ईस्वी को मानते हुए उनका 1238 वीं जयंती मनाई गई । वे भारत के महान दार्शनिक और अद्वैत वेदांत के प्रतिपादक थे जिन्होंने हिंदू धर्म को पुनर्जीवित किया । जब से आज तक उनकी जयंती मनाई जाती आ रही है ।
स्वामी लवलीन महाराज धारकुंडी आश्रम ने बताया कि आदि गुरु शंकराचार्य जी की जयंती हर वर्ष गीता स्वाध्याय आश्रम में मनाई जाती है उसी तारतम्य में इस वर्ष भी अमरकंटक संत मंडल शामिल होकर भव्य शोभायात्रा निकाली गई और उनके वचनों को याद किया गया ।
इस भव्य यात्रा में मार्कण्डेय आश्रम के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज , शांति कुटी आश्रम के श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज , परमहंस धारकुंडी आश्रम के स्वामी लवलीन जी महाराज , तुरी आश्रम के स्वामी महेश चेतन जी महाराज , झूलेलाल आश्रम के स्वामी राजेश दास जी महाराज , श्री शारदा आश्रम के स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज , क्रियायोग आश्रम के स्वामी दुर्गात्मानंद जी महाराज , धरमपानी आश्रम के स्वामी रामानंद जी महाराज , प्रयागगिरी आश्रम से स्वामी सुदर्शन गिरी जी महाराज , विवेक गिरी आश्रम के स्वामी शिवदयाल जी महाराज , शंकराचार्य आश्रय के ब्रह्मचारी नर्मदानंद जी , श्री नर्मदा मंदिर के पुजारी पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी , पंडित उमेश द्विवेदी सहित अनेक संत-महात्मा एवं श्रद्धालु जन उपस्थित रहे ।


