अमरकंटक ग्लोबल न्यूजसंपादक हरीश चौबेसबसे पहले सबसे आगे न्यूज

*हिंदू नव वर्ष 2026, बृहस्पति होंगे साल के राजा मंगल होंगे मंत्री-ज्योत्षी*



अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट



अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक के पंडित संदीप ज्योत्षी ने बताया कि चैत्र माह की शुक्ल प्रतिपदा से नव वर्ष की शुरुआत होती है , इसी दिन से हिंदू नव वर्ष का आरंभ माना जाता है । साल 2026 में यह 19 मार्च को पड़ रही है । ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार का संवत्सर कई मायनो में खास माना जा रहा है ।  क्योंकि नए वर्ष में देवगुरु बृहस्पति को राजा और मंगल ग्रह को मंत्री का पद प्राप्त होगा ।
पंडित संदीप ज्योत्षी के अनुसार जब गुरु राजा होते हैं तो धर्म ,  ज्ञान , शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मकता बढ़ाने की संभावना रहती है वही मंगल मंत्री होने से ऊर्जा साहस और कार्य क्षमता से जुड़े क्षेत्रों में तेजी देखने को मिलती है ।

हिंदू नव वर्ष का महत्व

हिंदू नव वर्ष मनाने के पीछे धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हैं । ब्रह्म पुराण के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन सूर्योदय के समय ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी ।  इसी तिथि से सतयुग का आरंभ हुआ था बाद में सम्राट विक्रमादित्य ने अपने राज्य में इसी दिन से नए संवत्सर की गणना शुरू की थी उनके नाम पर ही पंचांग को विक्रम संवत कहा गया तभी से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिंदू नव वर्ष के रूप में मनाने की परंपरा चली आ रही है ।

हिंदू नव वर्ष के दिन क्या करें

हिंदू नव वर्ष के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है इसके बाद स्वच्छ कपड़े पहनकर घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान की पूजा करनी चाहिए और परिवार की सुख समृद्धि की कामना करें इस दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न , वस्त्र भोजन का दान करना भी बहुत पुन्य दायी माना गया है , इसी दिन से रौद्र नामक संवत्सर का आगमन हो रहा है और चैत्र की नवरात्रि का भी प्रारंभ हो रहा है । इस बार मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आ रही है । मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा घट स्थापना , अखंड ज्योति ,  दुर्गा सप्तशती का पाठ और सात्विक व्रत करना अत्यंत शुभ माना जाता है इस दौरान कलश स्थापना कन्या पूजन घर की सफाई और सात्विक दिनचर्या ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए । घर के मंदिर को साफ कर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाए और कलश स्थापना करें ।  प्रतिदिन सुबह और शाम माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करें । दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और आरती करें माता की कृपा पाने के लिए अष्टमी और नवमी का व्रत रखें ।  सात्विक भोजन , फल ग्रहण करें । घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाए । रुद्राक्ष की माला धारण करना शुभ माना जाता है ।

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