
*बिलासपुर नसबंदी कांड डॉ. गुप्ता को 2 साल जेल 5 आरोपी बरी*
कोटा/ बिलासपुर ग्लोबल न्यूज नारायण यादव की रिपोर्ट
बिलासपुर नसबंदी कांड में 11 साल बाद फैसला आया है। डॉ. आरके गुप्ता को 2 साल की जेल और 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। 5 अन्य आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया है। 2014 में हुए इस कांड में 15 महिलाओं की मौत हुई थी
इस मामले में एडीजे कोर्ट बिलासपुर के न्यायाधीश शैलेश कुमार ने सर्जन डॉ. डॉ. गुप्ता पर गैर इरादतन हत्या का आरोप था। कोर्ट ने माना कि कम समय में अधिक ऑपरेशन करने और लापरवाही के कारण यह घटना हुई। डॉ. गुप्ता ने एक प्रशिक्षु के साथ महज 3 घंटे में 83 ऑपरेशन किए थे
इसके अलावा धारा 337 के तहत 6 महीने की सजा, 500 रुपए जुर्माना और एक अन्य धारा में 1 महीने की सजा भी सुनाई गई है। कोर्ट ने माना है कि, कम समय में अधिकं ऑपरेशन करने और लापरवाही के कारण यह घटना हुई।बता दें कि, नसबंदी कांड के बाद यह मामला राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा था। घटना के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी बिलासपुर पहुंचे थे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। वहीं इस मामले में दवा सप्लाई से जुड़े महावर फार्मा और कविता फार्मास्यूटिकल्स के संचालकों समेत 5 आरोपी रमेश महावर, सुमित महावर, राकेश खरे, राजेश 15 महिलाओं की मौत…खरे और मनीष खरे को कोर्ट ने सबूत के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।2014 में हुआ था नसबंदी कांड यह मामला नवंबर 2014 का है, जब सकरी क्षेत्र के नेमिचंद्र जैन अस्पताल समेत पेंडारी और पेंड्रा में सरकारी नसबंदी शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों में बड़ी संख्या में महिलाओं की नसबंदी की गई थी। ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने से 100 से अधिक महिलाओं को सिम्स, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें से 15 महिलाओं की मौत हो गई थी, इसके कारण देश में हड़कंप मच गया था।