
नर्मदा परिक्रमा करते हुए पूज्य कौशिक जी महाराज पहुंचे कल्याण सेवा आश्रम*
*शनिवार 20 दिसंबर 2025 पौष शुक्ल पक्ष प्रतिपदा संवत 2082*
*अमरकंटक ग्लोबल न्यूज़ श्रवण उपाध्याय की रिपोर्ट*
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र धर्मनगरी अमरकंटक स्थित श्री कल्याण सेवा आश्रम में इन दिनों संत समागम एवं भक्ति का पावन वातावरण बना हुआ है । देश के सुप्रसिद्ध संत , कथावाचक एवं सनातन धर्म प्रचारक पूज्य कौशिक जी महाराज गुरुवार की रात्रि सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ नर्मदा परिक्रमा करते हुए अमरकंटक पहुंचे ।
कल्याण सेवा आश्रम पहुंचने पर उन्होंने आश्रम में प्रवास के दौरान संतों से आत्मीय भेंट-मुलाकात की । पूज्य कौशिक जी महाराज अमरकंटक में तीन दिवसीय प्रवास पर हैं । इस दौरान आश्रम परिसर में उनके द्वारा प्रवचन , भजन-कीर्तन तथा सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति से संबंधित आध्यात्मिक चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं ।
उनके आगमन से संपूर्ण क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का वातावरण है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है । पूज्य महाराज के सान्निध्य में भक्त आध्यात्मिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं ।
कल्याण सेवा आश्रम में पूज्य कौशिक जी महाराज ने आश्रम से जुड़े संतों से भेंट कर सनातन धर्म , सेवा , साधना एवं आध्यात्मिक जीवन मूल्यों पर विचार-विमर्श किया । इस अवसर पर प्रमुख रूप से—
स्वामी हिमाद्री मुनि जी महाराज (प्रबंध न्यासी – श्री कल्याण सेवा आश्रम) ,
स्वामी जगदीशानंद जी महाराज ,
स्वामी सुंदरानंद जी महाराज
उपस्थित रहे ।
बताया गया कि पूज्य कौशिक जी महाराज सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ मां नर्मदा की परिक्रमा करते हुए अमरकंटक पधारे हैं , जिनके साथ आए श्रद्धालु भी उनके सान्निध्य में आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं ।
पूज्य कौशिक जी महाराज का संक्षिप्त परिचय
पूज्य कौशिक जी महाराज देश के प्रख्यात सनातन धर्म प्रचारक , कथावाचक एवं आध्यात्मिक गुरु हैं। वे अपनी ओजस्वी वाणी , सरल शैली एवं गहन शास्त्रीय ज्ञान के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं।
मुख्य परिचय बिंदु—
रामकथा एवं श्रीमद्भागवत कथा के प्रसिद्ध प्रवक्ता
सनातन परंपराओं एवं भारतीय जीवन मूल्यों के प्रबल समर्थक
देश के विभिन्न तीर्थस्थलों एवं आश्रमों में नियमित प्रवचन
युवाओं को धर्म , संस्कार , सेवा एवं नैतिकता से जोड़ने का विशेष प्रयास
सरल भाषा में गूढ़ धार्मिक विषयों को प्रस्तुत करने की विशिष्ट पहचान
पूज्य कौशिक जी महाराज का जीवन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, समाज में आध्यात्मिक चेतना जागरण एवं मानव सेवा को समर्पित है । उनके सान्निध्य से श्रद्धालुओं को धर्म , सदाचार एवं भक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होता है ।

