अमरकंटक ग्लोबल न्यूजसंपादक हरीश चौबेसबसे पहले सबसे आगे न्यूज

*शांति कुटी में सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा जुलाई 4 से 10 तक होगा भव्य आयोजन *
                                                               

*अमरकंटक ग्लोबल न्यूज श्रवण उपाध्याय की रिपोर्ट*****श्री गुरुपूर्णिमा महोत्सव आषाढ़ शुक्ल नवमी से आषाढ़ ब्यास पूर्णिमा तक दिव्य होगा उत्सव ।

शांति कुटी में सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा जुलाई 4 से 10 तक होगा भव्य आयोजन । 
                                                                           अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली , पवित्र नगरी अमरकंटक में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी दिव्य और भव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जा रहा है । मोक्ष दायिनी , पाप नाशिनी पुण्य सलिला मां नर्मदा जी की पुण्य धर्मधरा पर गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर अमरकंटक के शांति कुटी आश्रम में प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी श्री गुरु पूर्णिमा पर्व के पूर्व आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन अनंतश्री विभूषित महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी श्री रामभूषण दास जी महाराज की उपस्थिति और सान्निध्य से कथा की अपार अमृतमय बहार बहेगी । शांति कुटी आश्रम में भक्तों द्वारा गुरुपूर्णिमा महोत्सव से पहले भागवत कथा का श्रवण किया जाता है । इस कथा व्यासपीठ पर विराजमान होंगे बृजवासी (जयपुर राज.) के निवासी पंडित श्री कृष्णकांत जी शर्मा और प्रमुख यजमान श्रीमती मीनू सर्वेंद्र रस्तोगी मेरठ (उ.प्र.) और श्रीमती अंजली दिनेश शुक्ला बिलासपुर (छ. ग.) के और उक्त समस्त धार्मिक अनुष्ठान के आचार्य पंडित शिवम् चतुर्वेदी चेन्नई के आचार्यत्व में संपन्न होगा । आषाढ़ शुक्ल देवशयनी एकादशी को नर्मदा तट रामघाट पर नर्मदा पूजन , दीपदान और महाआरती 6 जुलाई को की जाएगी जिसके यजमान श्रीमती संगीता सुरेश पांडेय चांपा (छ. ग.)  होंगे । आश्रम में ध्वज पूजन और ध्वजा रोहण 07 जुलाई को श्रीमती सरोज रमेश पोद्दार मनेंद्रगढ़ ( छ. ग.) प्रमुख यजमान द्वारा किया जावेगा । कथा का विराम और महाप्रसादी , भंडारा आषाढी व्यास पूर्णिमा गुरुवार 10 जुलाई दोपहर  12 बजे से आरंभ होगा ।
शांति कुटी आश्रम के श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर्व गुरुओं के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर होता है साथ ही महर्षि वेद व्यास जी का जन्मदिन के रूप में भी मनाया जाता है जिन्होंने वेदों और पुराणों की रचना की थी । शिष्य अपने गुरुओं की पूजा करते है , उनके चरण वंदन (छूकर) कर आशीर्वाद लेते है और शिष्य यथाशक्ति दक्षिणा , वस्त्र , फल , फूल आदि भेंट करते है साथ ही गुरुओं के आदेश का पालन करते है ।   अमरकंटक में अनेक आश्रम है जिनमें गुरु दर्शन , गुरु पूजन हेतु हजारों भक्त , शिष्य अपने गुरु कुटिया , मठ ,  आश्रम पहुंचते है । गुरुपूर्णिम को धार्मिक एवं आध्यात्मिक महोत्सव के रूप में भव्य एवं विशाल आयोजन करके उत्सव के रूप में मनाते हुए अगाध भक्ति , अपार श्रद्धा और अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव का लाभ गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर शिष्यों एवं भक्तों को प्राप्त होता है ।
उल्लेखनीय है कि इस पावन पुनीत अवसर पर 10 जुलाई 2025 दिन गुरुवार आषाढ़ मास के पावन पर्व गुरु पूर्णिमा में  सत् गुरुदेव भगवान की चरण पादुका , गुरुचरण पूजन श्रद्धा पूर्वक किया जाता है जिससे अपार आशीर्वाद प्राप्त करके शिष्य अपने जीवन को सफल बनाते है ।

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