
*कोटा-रतनपुर मार्ग पर गड्ढों का साम्राज्य कोटा प्रशासन एवं जन प्रतिनिधि कब जागेगा?*
कोटा ग्लोबल न्यूज नारायण यादव की रिपोर्ट
कोटा समाचार कोटा-रतनपुर मार्ग बना मौत का रास्ता, सावन में कांवड़ियों की जान जोखिम में
कोटा नगर पालिका टेंडर प्रक्रिया में उक्त रोड का टेंडर पूर्वमे भी हो चुका है जिसमें ठेकेदारों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं लिया अभी वर्तमान में टेंडर ठेकेदार के द्वारा लिया गया है वर्षा ऋतु के बाद सीसी रोड का काम चालू किया जायेगा।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल यादव
कोटा। नगर पालिका क्षेत्र कोटा के वार्ड क्रमांक 13 एवं 14 से होकर गुजरने वाली कोटा-रतनपुर मुख्य मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। लगभग मात्र 200 मीटर के टुकड़े में लगभग 100 गड्ढे गिनाए जा सकते हैं। जिसके कारण आमजन, स्कूली बच्चों एवं श्रद्धालुओं का आना-जाना दुभर हो गया है।
उक्त मार्ग पर शासकीय निरंजन महाविद्यालय स्थित है। प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर कॉलेज आ-जा रहे हैं। इसी मार्ग पर शमशान घाट भी है। शव यात्रा ले जाने के दौरान लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यह मार्ग विश्व प्रसिद्ध माँ महामाया मंदिरऔर कोट सागर तालाब को जोड़ता जहां पर भगवान भोलेनाथ शंकर दुर्गा मंदिर और अन्य मंदिर भी स्थापित हैं महामाया मंदिर महज 14 किमी दूर है। इसी कारण विधायक, मंत्रियों एवं वीआईपी लोगों का भी आवागमन इसी सड़क से होता है। वर्तमान में सावन माह चल रहा है और हजारों कांवड़ियों का आवागमन भी इसी रास्ते से हो रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नगर पालिका कोटा द्वारा इस मार्ग के सीसीकरण हेतु दो- बार टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उदासीनता के कारण जनता परेशान है।
समस्या को लेकर जब SDM कोटा से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
लोगों ने कलेक्टर एवं नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि तत्काल सड़क का पैचवर्क कराकर स्थाई सीसी रोड का निर्माण कराया जाए, अन्यथा मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
वार्डवासियों का कहना है कि हर बार चुनाव के समय वादा होता है, टेंडर भी निकलता है, लेकिन सड़क आज तक नहीं बनी। दुर्घटना हुई तो जिम्मेदार कौन होगा?

