
*अमरकंटक जैन मंदिर में 1008 सिद्धचक्र महामंडल आयोजन सम्पन्न*
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक के जैन मंदिर में 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान का हुआ भव्य एवं धार्मिक आयोजन सम्पन्न
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक में जैन समाज द्वारा 07 मई से 12 मई 2026 तक आयोजित श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान श्रद्धा , भक्ति एवं धार्मिक वातावरण के मध्य संपन्न हुआ ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे तथा विधि-विधान पूर्वक पूजन-अर्चन कर धर्म लाभ प्राप्त किया ।
यह धार्मिक आयोजन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र अमरकंटक में आचार्य 108 श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य नवाचार्य आचार्य 108 श्री समयसागर जी महाराज जी के आशीर्वाद से एवं मंगल सानिध्य आर्यिका मां श्री 105 ऋतुमति माता जी ससंघ , आर्यिका मां श्री तपोमाता जी ससंघ तथा बारह अन्य आर्यिका माता जी ससंघ की गरिमामयी उपस्थिति और सानिध्य में ब्रह्मचारी डॉ. अरुण कुमार जैन (कटंगी) के निर्देशन में संपन्न हुआ ।
कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ सहभागिता निभाई ।
छः मई को जैन समाज द्वारा भव्य व आकर्षक घट कलश यात्रा का आयोजन किया गया था । यह यात्रा जैन मंदिर से प्रारंभ की गई थी जिसमें पारंपरिक वेशभूषा और जैन रीतिरिवाज़ों के साथ सुसज्जित होकर यात्रा के पूरे नगर में मधुर संगीत की ध्वनि के साथ चल रहीं थी ।
विधान में प्रमुख रूप से सौंधर्म श्री देवेंद्र–निधि जैन , कुबेर इंद्र श्री सुनील–आरती जैन , भरत इंद्र श्री संदीप–सुषमा जैन , बाहुबली इंद्र श्री मनीष–ज्योति जैन , महायज्ञायक श्री राजेन्द्र–संध्या मोदी , श्रीपाल इंद्र विनय–तुहिना जैन एवं महामंडलेश्वर श्री आदित्य–शालिनी जैन ने सपत्नीक सहभागिता निभाते हुए धार्मिक अनुष्ठानों को सफल बनाया ।
कार्यक्रम के अंतर्गत अभिषेक , शांतिधारा , श्री 1008 आदिनाथ भगवान विधान पूजन सहित विभिन्न धार्मिक क्रियाएं विधिपूर्वक संपन्न हुईं । आयोजन में सकल दिगंबर जैन समाज एवं सभी जैन बंधुओं का विशेष सहयोग रहा ।
पूरे आयोजन के दौरान भक्ति , श्रद्धा और धर्ममय वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने इसे आत्मकल्याण एवं पुण्य अर्जन का दिव्य अवसर बताया ।

