छत्तीसगढ़जगदलपुर ब्यूरोसंपादक हरीश चौबेसबसे पहले सबसे आगे न्यूज

*प्रधान डाकघर जगदलपुर में स्पीड पोस्ट से भेजे गए  टेंडर दस्तावेज गायब एफ आई आर की मांग*

जगदलपुर ग्लोबल न्यूज ब्यूरो की रिपोर्ट

*प्रधान डाकघर जगदलपुर में स्पीड पोस्ट से भेजे गए ₹2 लाख के डीडी सहित टेंडर दस्तावेज गायब, CCTV संकेतों से गहराया रहस्य; FIR और निष्पक्ष जांच की मांग*


जगदलपुर। बस्तर मुख्यालय जगदलपुर के प्रधान डाकघर से एक महत्वपूर्ण स्पीड पोस्ट के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। रायपुर स्थित राघव एडवरटाइजिंग ने आरोप लगाया है कि नगर पालिक निगम जगदलपुर की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के लिए भेजे गए उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, जिनमें ₹2 लाख की डिमांड ड्राफ्ट (D.D.) भी शामिल थी, डाकघर पहुंचने के बाद रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। मामले में डाकघर कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
जानकारी के मुताबिक रायपुर की राघव एडवरटाइजिंग ने 06 मई 2026 को स्पीड पोस्ट क्रमांक EC461174536IN के माध्यम से नगर पालिक निगम जगदलपुर के नाम निविदा आवेदन भेजा था। यह आवेदन “मिनी यूनिपोल पी.पी.पी. मॉडल” से जुड़ी निविदा प्रक्रिया के लिए था। शिकायतकर्ता के अनुसार इस डाक में निविदा से जुड़े जरूरी दस्तावेजों के साथ ₹2 लाख की डिमांड ड्राफ्ट भी संलग्न थी, जो निविदा प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा थी।
डाक विभाग की ऑनलाइन ट्रैकिंग रिपोर्ट के अनुसार यह स्पीड पोस्ट 08 मई 2026 को सुबह 08:53 बजे प्रधान डाकघर जगदलपुर पहुंच गई थी। सामान्य प्रक्रिया के तहत इसके बाद यह दस्तावेज संबंधित प्राप्तकर्ता तक पहुंचने चाहिए थे, लेकिन नगर निगम कार्यालय तक इसकी डिलीवरी नहीं हुई। जब फर्म द्वारा दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ और खोजबीन शुरू की गई, तो मामला और गंभीर होता चला गया।
शिकायतकर्ता का दावा है कि खोजबीन के दौरान प्रधान डाकघर के CCTV फुटेज में स्पीड पोस्ट के रिसीव होने के संकेत मिले, जिससे यह स्पष्ट होता है कि डाक वास्तव में डाकघर तक पहुंच चुकी थी। इसके बावजूद संबंधित स्पीड पोस्ट का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड या वर्तमान स्थिति नहीं बताई जा रही है। इससे संदेह और गहरा गया है कि दस्तावेजों को जानबूझकर रोका गया या गायब किया गया।
राघव एडवरटाइजिंग ने अपने शिकायत पत्र में कहा है कि यह केवल डाक विभाग की सामान्य लापरवाही का मामला नहीं लगता, बल्कि इसमें गंभीर षड्यंत्र और आपराधिक कृत्य की आशंका है। संस्था का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से रोकने या दस्तावेजों के संभावित दुरुपयोग की मंशा से यह कृत्य किया गया हो सकता है। इसी आधार पर थाना कोतवाली, जगदलपुर में शिकायत दर्ज कर तत्काल एफआईआर, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
संस्था ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि जब तक मूल दस्तावेज बरामद नहीं हो जाते या जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित निविदा प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाई जाए ताकि प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल न उठें।
इस पूरे मामले की प्रतिलिपि सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़, कलेक्टर बस्तर और आयुक्त नगर निगम जगदलपुर को भी भेजी गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि डाक विभाग और प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।
हालांकि, यह सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। मामले की आधिकारिक जांच और संबंधित विभागों के पक्ष के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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