Global news live
करगी रोड कोटासंपादक हरीश चौबेसबसे पहले सबसे आगे न्यूज

*अन्नदाताओं  कि पसीने की कमाई पर डाका*

*कोटा ग्लोबल न्यूज ब्यूरो की रिपोर्ट*

*धान खरीदी केंद्र में भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है*

*गरीब  किसान की पसीने की कमाई को रहस्यमय ढंग से किस प्रकार से लूटा जा रहा है  यह धान खरीदी केंद्र में आपको बारिकी से देखने को मिलेगा. किसानों को हो रहा नुकसान*

अन्न दाताओ की पसीने की कमाई धान पर प्रबंधक फड प्रभारी  नोडल अधिकारी सुपरवाइजर एवं अन्य अधिकारी बिलासपुर के द्वारा  अवैध वसूली  में खुलीं छुट से किसान परेशान किसानों  ने लगाया आरोप
*41 किलो400 तौलाई से प्रबंधक करोड़पति बने अन्नदाता गरीब* प्रबंधकों के पास लग्जरीगड़ियां जमीन मकान महंगे एप्पल कंपनी के मोबाइल देखने को मिलेंगे क्योंकि अधिकारियोंकी खुली छूट पहले धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक क्या थे
अब क्या हो गये उनकी संपत्तियों की जांच करने से भ्रष्टाचार सामने आ जाएगा।
*जिले के धान खरीदी केंद्रों पर प्रबंधकों का राज नियमों की अनदेखी, किसानों से ज्यादा तुलाई और पैसे की मांग*

धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्थाः 41 किलो 400तौलाई, मजदूरी और अवैध वसूली से किसान परेशान धान खरीदी अपने अंतिम चरण में है, जिला प्रशासन धान खरीदी केन्द्रों की मानिटरिंग तो कर रहा है। लेकिन किसानों को खरीदी केन्द्र में सुविधा नहीं मिल रही है।  धान केंद्र में किसानों को वह सुविधाएं नहीं मिल पा रही है जिनका जिला प्रशासन दावा कर रहा है। धान खरीदी केंद्र नवागांव , टांडा, भरारी ,  गनियारी ,दैजा , ढनढन,घुटकू आदि सभी धान खरीदी  केंद्रों  में किसान परेशान हो रहे है। किसान को अपना धान स्वयं भरना, सिलना, ढोना पड़ रहा है। भरने सिलने के लिए तो किसानों ने अपने मजदूर लगाए है वहीं  धान केंद्र समिती के मजदूर उसके बाद भी ₹5 से ₹6 प्रति बोरि के हिसाब से लिया जा रहा है। किसानों से बातचीत में बताया कि वह स्वयं ही धान तौल रहे हैं व बोरियों की सिलाई भी स्वयं करनी पड़ रही है। खरीदी केंन्द्रो में किसानों से धान तुलाई के नाम पर पैसों की मांग की जाती है।किसानों से ली जा रही भर्ती से ज्यादा धान
धान खरीदी केन्द्रों में शासन के नियमानुसार माप से अधिक धान भरवाया जा रहा है। किसानों ने बताया धान में नमी के नाम से 41 ,400
किलो की भर्ती की जा रही, जबकि नियमानुसार 40 किलो धान और बारदाने का 500
नमी: धान में नमी की मात्रा निर्धारित मानक (आमतौर पर 14-17%) से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसकी जांच धान केंद्र पर होती है।

Latest news
*50 हजार से अधिक परिवारों के अपना घरका सपना हुआ साकार* *श्री कल्याण सेवा आश्रम द्वारा निर्मित मुक्तिधाम नगर परिषद को समर्पित* *भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का पांच दिवसीय राज्य पुरस्कार प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न* *ऑनलाइन डायवर्सन कार्य अधर मे* *नेशनल लोक अदालत की तैयारी तेज थाना प्रभारियों की बैठक समपन्न* *बस्तर मुन्ने कार्यक्रम से हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ* *अमृत मिशन 2,0 मे बड़ा घोटाला* *अमरकंटक में टला एक बड़ा हादसा वाहन हुआ क्षतिग्रस्त* *अमरकंटक के धारकुंडी आश्रम में पांच दिवसीय आयुर्वेदिक उपचार शिविर होगा प्रारंभ* *प्रशासन की सक्रियता से 3 बाल विवाह पर लगी रोक*