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*वनों को आग से बचाने के लिए ग्रामीणों ने लिया शपथ*

**अमरकंटक ग्लोबल न्यूज***

वन संपदा हमारे पूर्वजों की देन है इन्हें बचाएं : डॉ शिवाजी चौधरी
*ग्लोबल न्यूज के लिए रिपोर्ट श्रवण उपाध्याय*
अमरकंटक / मैकल सतपुड़ा और विंध्य के जंगलों में आग की लपटे आए दिन देखने को मिल रही है । पूरा का पूरा जंगल जलकर राख हो रहा । जंगल ,  वनों को आग से बचाने के लिए प्रणाम नर्मदा युवा संघ द्वारा वन विभाग अनूपपुर के सहयोग से ग्राम पंचायत बिजौरी में सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम रखा गया , जिसमें ग्रामीणों ने जंगलों को आग से बचाने और  दोषियों पर कार्रवाई करने तथा सामाजिक बहिष्कार करने का शपथ लिया गया ।
गर्मी का मौसम आने के साथ ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं तेजी से देखने को मिलती है । यह आग विभिन्न कारणों से लगाई जाती है या लग जाती है। अमरकंटक वन परिक्षेत्र में विगत दिनों आगजनी की अनेक घटनाएं देखने को मिली है । वनो में लग रही आग की घटनाओं को  सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से ही बचाया जा सकता है । इसी उद्देश्य से प्रनयुस संस्था जिला वन विभाग के साथ मिलकर इस तरह आयोजन कर रही है ।
कार्यक्रम की शुरुआत में ग्रामीणों ने जंगल में आग लगने के कारणों के बारे में विस्तार से बताया। ग्रामीणों ने बताया कि जंगल में आग पिहरी अर्थात मशरूम के अत्यधिक उत्पादन वाले भ्रम के कारण लगाते हैं, कुछ लोग वन अधिकार पट्टा के लिए जमीन साफ करने के उद्देश्य से आग लगाते हैं, कुछ लोग वन विभाग की पूर्व में की गई कार्यवाही के रंजिश स्वरूप आग लगाते हैं, वहीं कुछ लोग मस्ती में तथा कुछ लोग गाय चराने के लिए लेंटाना को साफ करने के उद्देश्य आग लगाते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित जनजाति विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के सहायक अध्यापक डॉ शिवाजी चौधरी ने बताया कि वर्ष 1952 तथा वर्ष 1962 में इस क्षेत्र में अकाल पड़ा था , यह वर्षा की कमी के कारण हुआ था । निरंतर हो रही वनों की कटाई तथा आगजनी की घटनाएं इस तरह के खतरनाक परिणाम देती है । अतः समाज को स्वयं से वनों की रक्षा करने के लिए आगे आना चाहिए । वन एक दिव्य संपदा है यह हमारे पूर्वजों के द्वारा हमें उपहार में दिया गया है इन वनों को बचाना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष विकास चंदेल ने जल, जंगल और जमीन के महत्व को बताते हुए समुदाय के प्रति उनके कर्तव्य हेतु लोगों से आवाहन किया गया ।  जनजाति एवं ग्रामीण समुदाय में जन्म से लेकर मृत्यु तक प्रत्येक अवसर पर पेड़ों के महत्व को उजागर किया गया साथ ही समुदाय के देवी देवताओं के साथ पेड़ और प्रकृति को जोड़कर उसके महत्व को बताया गया । अंत में सभी ग्रामीणों को हृदय में हाथ रखकर के वनों को आग से बचाने तथा आग लगाने वालों के खिलाफ अपने कर्तव्यों का निर्वहन की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में मुख्य तौर पर ग्राम पंचायत बिजौरी के सरपंच सुमेद सिंह धुर्वे , वन विभाग के कर्मचारी : रेंज सहायक भूण्डाकोना – जमुना सिंह मार्को , फॉरेस्ट गार्ड ताली- दिव्यदाश सोनवानी , प्रनयुस के सक्रिय सदस्य सचिन त्रिपाठी , सत्यम मरावी सहित अनेक ग्रामीण जन उपस्थित रहे ।

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