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*सोढा खुर्द में अवैध रेत का खेल खनिज विभाग मौन कोटा SDM का फोन नहीं उठा*

बेलगहना ग्लोबल न्यूज राकेश पांडे की रिपोर्ट

*खनिज विभाग की चुप्पी या संरक्षण? बेलगहना में रातभर दौड़ रहे अवैध रेत के हाईवा, हादसा होते-होते बचा

  सोढा खुर्द में अवैध रेत का खेल: ओवरलोड हाईवा से हादसा, फिर भी खनिज विभाग मौन, कोटा SDM का फोन नहीं उठा

बेलगहना तहसील क्षेत्र का सोढा खुर्द घाट इन दिनों कथित अवैध रेत कारोबार का बड़ा केंद्र बना हुआ है। आरोप है कि रात के अंधेरे में ओवरलोड हाईवा बेखौफ रेत भरकर तखतपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भेजे जा रहे हैं, जबकि *खनिज विभाग* सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बना हुआ है।
रात्रि में हाईवा क्रमांक CG10 BR 6183 सोढा खुर्द घाट से रेत लेकर तखतपुर जा रही थी। *ग्राम पंचायत रतखंडी* के पास एक युवक वाहन की चपेट में आते-आते बाल-बाल बच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि युवक समय पर नहीं बचता तो एक और परिवार उजड़ सकता था। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई।
आरोप: विभाग ने केवल खानापूर्ति की* 
आरोप है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद खनिज विभाग ने केवल एक स्थान पर डंप रेत पर पेनल्टी लगाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, लेकिन मुख्य मार्ग किनारे डंप करीब *50 ट्रिप रेत* को अनदेखा कर दिया। ग्रामीणों का दावा है कि इसी डंप से रात के समय *प्रति हाईवा ₹13,000* में अवैध रूप से रेत बेची जा रही है।
बताया जा रहा है कि संबंधित हाईवा चालक ने भी स्वीकार किया कि वह सोढा खुर्द से रेत लेकर तखतपुर जा रहा है। चालक के अनुसार उसे *रॉयल्टी पर्ची नहीं दी गई* और वह बिना रॉयल्टी के “लूज” रेत का परिवहन कर रहा था।
कोटा SDMऔर खनिज विभाग ने नहीं उठाया फोन, CM हेल्पलाइन में शिकायत
घटना के तत्काल बाद मौके से कोटा SDMऔर खनिज विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई। इसके बाद मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराते हुए अवैध रेत परिवहन और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई।
क्षेत्रवासियों में आक्रोश 
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर खनिज विभाग किसे बचा रहा है? जब बिना रॉयल्टी के रेत परिवहन के आरोप सामने आ रहे हैं, ओवरलोड हाईवा रातभर सड़कों पर दौड़ रहे हैं और आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है, तब जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता कई गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी बड़े हादसे की पूरी जिम्मेदारी किसकी होगी?

क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर बिलासपुर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, अवैध रेत कारोबार पर तत्काल रोक तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। एवं एसडीएम कार्यालय में कोटा क्षेत्र के सभी अधिकारियों का चालू मोबाइल नंबर की सूची चस्पा किया जाना चाहिए जिम्मेदार अधिकारी  फोन नहीं उठाते हैं और ना कॉल बैक करते हैं

राज्य शासन के नियमानुसार यदि कोई जिम्मेदार अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं, तो उनके खिलाफ वरिष्ठ कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करने, स्पष्टीकरण (शो-कॉज नोटिस) मांगने और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान होता है।

ग्रामीणों की मांग
खनिज विभाग मौन, SDM ने फोन नहीं उठाया। कलेक्टर जांच करें।`

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