
*सरपंच सचिव ने मिलकर शासन के पैसे का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार किया गया*
जनपद पंचायत कोटा के ग्राम पंचायत लालपुर का मामला सूचना के तहत जानकारी मिलने पर यहां के सरपंच सचिव के द्वारा अनोखे ढंग से राशि आहरण करने का मामला सामने आया दोनों मिलकर327338रुपये का भुगतान किया गया है चौकीदार का पेमेंट पचरी मरम्मत नल निर्माण का 36000 का बिल कृष्णा ट्रंक फैक्ट्री के बिल 1/12/ 2020 को लगाकर भुगतान कर दिया गया जबकि चौकीदार का नगद भुगतान या खाते में डालकर भुगतान करना चाहिए था जोकि ऐसा नहीं किया गया ऑडिट आपत्ति भी आनी चाहिए थी इस बिल पर लेकिन ऑडिटर ने भी इसे एडिट कर पास कर दिया गया वाह रे ऑडिटर तेरा खेल जबकि सभी बिल में कुछ ना कुछ कमी है। अनदेखा कर इस तरह का कार्य सभी पंचायतों मे देखने को मिलेगा यश ट्रेडिंग के नाम पर दिनांक 3/4/2020, 35,000 का भुगतान , प्रमोद किराना के नाम पर दिनांक 1/5/2020 को 50000 का भुगतान, महामाया पंप एंड इलेक्ट्रिकल बिना क्रमांक के बिल20/5/2020को 18256 का भुगतान, वही महामाया पंप स्टेशन के नाम पर दिनांक 30/6/2020 ₹32782 का भुगतान, 30/6/2020को कृष्णा ट्रंक फैक्ट्री के नाम पर 35,000 का भुगतान जबकि उक्त बिल में अलमारी बिल्डिंग मैटेरियल सप्लाई का उल्लेख किया गया है जबकि बिल पंप पाइप बिक्री का किया गया,उसी तरह दूसरा बिल कृष्णा ट्रंक फैक्ट्री के नाम पर11/8/2020को 24000 का बिल का भुगतान,फिर पुन कृष्णा ट्रंक फैक्ट्री के नाम पर दिनांक 11/8/2020को17000 का बिल का भुगतान,फिर उसी तरह महावीर ट्रेडर्स के नाम पर14/5/2020को 30000 का भुगतान, कृष्णा ट्रंक फैक्ट्री के नाम पर दिनांक 3/9/2020को 49300 का भुगतान किया गया। किसी बिल पर क्रमांक नहीं किसी भी पर जीएसटी की कटौती नहीं नाही प्रोपराइटर का नाम है इसी प्रकार सरपंच सचिव की मिलीभगत से शासन के कीमती मद का दुरुपयोग किया गया ।
इस संबंध में लालपुर सरपंच विनोद कुमार ध्रुव से पूछा गया तो उनका कहना था कि हम बिल लगाकर चौकीदार को भुगतान कराएं हैं यह पुराना मामला है हमने ऑडिटर से ऑडिट भी कराया है। उनके द्वारा कोई भी आपत्ति नहीं की गई हमारा कुछ भी नहीं हो सकता कोटा सीईओ युवराज सिन्हा का कहना है कि उक्त शिकायत पर जांच कराई जाएगी
