
*गांव में बना मतदाजबन केन्द्र, तब बढ़ा मतदाताओं का उत्साह*

*ग्लोबल न्यूज रिपोर्टर ओमप्रकाश नाग उच्छ्वास कोंडागांव से*
* गांव में बना मतदाजबन

केन्द्र, तब बढ़ा मतदाताओं का उत्साह*
*कोंडागांव, 08 नवम्बर 2023/* कोंडागांव जिले के संवदेनशील क्षेत्र चेमा में मतदान केन्द्र बनने से मतदाताओं का उत्साह दुगुना हो गया है। पहले यहां के मतदाता तोतर में मतदान करने जाते थे, जो चेमा से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर है। तोतर और चेमा के बीच भंवरडीह नदी मतदाताओं के बीच एक बाधा बन जाती थी। चेमा में बने नए मतदान केन्द्र में मतदान करने पहुंची गागरी बताती है, कि पहले जब तोतर में मतदान करने जाना होता था, तब वह घर का काम-काज करने के बाद खाना बनाती थी और उस बने हुए खाने को लेकर वोट डालने तोतर जाती थी। यही स्थिति लगभग चेमा के सभी मतदाताओं की थी। उन्हें तोतर में मतदान के लिए लंबी लाईनों में लगना पड़ता था, इसलिए वे भोजन भी साथ लेकर जाते थे। भंवरडीह नदी को पार करना भी आसान काम नहीं था। किसी भी दुर्घटना की आशंका रहती थी। लेकिन अब चेमा में मतदान केन्द्र बनने से मतदाताओं की सभी चिंताएं खत्म हो गई हैं। यहां 427 मतदाताओं के लिए नया केन्द्र बनाया गया, जिसमें 209 पुरुष और 218 महिला मतदाता हैं।

चेमा के बक्सुराम मांझी ने बताया कि मतदान के दिन वे सिर्फ पशुओं को चारा खिलाकर ही सुबह-सुबह खाली पेट मतदान केन्द्र के लिए निकल जाया करते थे, ताकि उन्हें लंबी लाईनों में न लगना पड़े। पैदल नदी पार कर मतदान केन्द्र पहुंचते तक मतदाताओं की लाईन लग जाती थी और अपनी मतदान की बारी का इंतजार करना पड़ता था। इन लाईनों से बचने के लिए कुछ ग्रामीण मतदान करने नहीं जा पाते थे, लेकिन चेमा में मतदान केन्द्र की स्थापना से अब पूरे ग्रामीण उत्साह के साथ यहां मतदान करने आ रहे हैं।
*नदी भी नहीं रोक पा रही ग्रामीणों का उत्साह*
माड़ क्षेत्र में बसे नक्सल अतिसंवेदनशील गांव कुधूर में नदी भी मतदाताओं का उत्साह नहीं रोक पा रही है। भंवरडीह नदी के दोनों ओर बसे कुधूर में आठ पारे हैं। इनमें कुलेनार, तरईपारा, गुमियापाल और उहूपाल नदी के उत्तरी छोर पर बसे हैं, जबकि मांझानार, बस्तरपारा, डोंगरीगुड़ा और कपाटभाटा नदी के दक्षिणी छोर पर बसे हैं। नदी के उत्तरी छोर पर मतदान केन्द्र बनाया गया है और यहां मांझानार, बस्तरपारा, डोंगरीगुड़ा और कपाटभाटा के ग्रामीण घुटनों तक भरी नदी को पैदल पार कर मतदान केन्द्र पहुंचे। यहां नदी पार कर मतदान करने पहुंची रेमाय ने कहा कि मतदान हमारा अधिकार है, इसलिए हम यहां वोट देने पहुंचे हैं। ग्रामीणों ने गांव में नदी पर बन रहे पुल पर खुशी जताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में वोट डालने के लिए नदी की धारा बाधा नहीं बनेगी और वे यहां आसानी से आ सकेंगे।