
*श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन डोंगरी पारा प्रदीप साहू परिवार के द्वारा *
*श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन भक्तों की भारी भीड़*

धार्मिक समाचार कोटा
कोटा के वार्ड नं 9 डोंगरीपारा में 2 से 9 फरवरी तक चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास नितेश कृष्ण शास्त्री मथुरा वाले ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पर्वत धारण करने की कथा सुनाई।
*गोवर्धन पर्वत धारण करने की कथा*
भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों को बचाने के लिए कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को सात दिवस तक उठा लिया था। जब भगवान श्री कृष्णा 7 बरस के थे यह लीला दर्शाती है कि अहंकार का त्याग कर ईश्वर पर अटूट विश्वास करने से हर संकट टल सकता है।
*कथा का महत्व*
गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा भक्ति, अहंकार के नाश और प्रकृति पूजा का दिव्य प्रतीक है। यह कथा हमें सिखाती है कि जब भक्त शरण में आते हैं, तो ईश्वर स्वयं रक्षा के लिए सामने आते हैं और अहंकार का हर हाल में नाश होता है।
*कथा का आयोजन*
कथा का आयोजन प्रदीप साहू और सावन साहू ने किया था। कथा व्यास नितेश कृष्ण शास्त्री ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। सभी अपने परिवार सहित श्रद्वालुओं बड़ी संख्या में पहुंचे थे।


