छत्तीसगढ़रायगढ़ ग्लोबल न्यूज़संपादक हरीश चौबेसबसे पहले सबसे आगे न्यूज

*फाइलेरिया उन्मूलन अभियान: 1.40 करोड़ लोगों को दवा*

रायगढ़ ग्लोबल न्यूज ब्यूरो की रिपोर्ट

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत देशभर में 10 फरवरी से 18 दिवसीय एमडीए अभियान शुरू हुआ है। इस अभियान का उद्देश्य फाइलेरिया रोग को जड़ से मिटाना है, जो मच्छर के काटने से फैलता है और शरीर के अंगों में सूजन और विकृति पैदा करता है।

इस अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में लगभग 1.40 करोड़ लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएंगी। दवा पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन दवा खाने के बाद कभी-कभी साइड इफेक्ट्स जैसे बुखार, चक्कर, मिचली या उल्टी आ सकती है ।

फाइलेरिया के लक्षणों में पैरों और हाथों में सूजन, हाथीपांव, हाइड्रोसील, बुखार और दर्द शामिल हैं। इस बीमारी का कोई स्थायी इलाज नहीं है, इसलिए बचाव ही इसका सबसे कारगर उपाय है
फाइलेरिया से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय हैं:

1. *मच्छरों से बचाव*: फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलता है, इसलिए मच्छरों से बचाव करना जरूरी है। मच्छरदानी का उपयोग करें, मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएं, और घरों में मच्छरों को प्रवेश करने से रोकने के लिए जाली लगाएं।
2. *साफ-सफाई*: घर और आसपास के क्षेत्र को साफ रखें, पानी जमा न होने दें, और कूड़ा-कर्कट को नियमित रूप से हटाएं।
3. *दवा का सेवन*: फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दी जाने वाली दवा का सेवन जरूर करें।
4. *स्वास्थ्य जांच*: यदि आपको फाइलेरिया के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
5. *जागरूकता*: फाइलेरिया के बारे में जागरूकता फैलाएं और दूसरों को भी इसके बारे में बताएं।

कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन में जिला फाइलेरिया अधिकारी डॉक्टर टी.जी. कुलवेदी एवं जिला टीम द्वारा आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोइंग में ‘सामूहिक दवा सेवन (MDA) अभियान’ का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने दवा वितरण केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
2 वर्ष से कम: दवा प्रतिबंधित है।
सावधानियां: डॉ. कुलवेदी ने दोहराया कि दवा खाली पेट न लें और एलबेंडाजोल चबाकर खाएं। दवा के बाद मामूली सिरदर्द या खुजली होना परजीवियों के मरने की सामान्य प्रतिक्रिया है, इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।
निरीक्षण के दौरान बी.एम.ओ. डॉ. हितेश जायसवाल, डॉ. कविता जायसवाल, डॉ. मानकेशरी जोशी, कविता कसेरा, मैडम तांडी, पीसीआई डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अशोक कुमार, गौतम सिदार (NVBDCP कंसल्टेंट) एवं समस्त स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहा।
*अपील:* हाथीपांव एक लाइलाज और संक्रामक बीमारी है जो मच्छर के काटने से फैलती है। 2030 तक इसे जड़ से मिटाने के लिए शासन द्वारा दी जा रही मुफ्त दवा का सेवन जरूर करें।

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