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*ग्राम दण्डवन में सामुदायिक सहभागिता से जल प्रबंधन*

*ग्लोबल न्यूज रिपोर्टर ओमप्रकाश नाग कोण्डागांव से*

*सफलता की कहानी*
*ग्राम दण्डवन में सामुदायिक सहभागिता से जल प्रबंधन*

*जल जीवन मिशन से हर घर पहुंचा शुद्ध पेयजल*
*कोंडागांव, 23 अप्रैल 2025/* जिला मुख्यालय से लगभग 33 किलोमीटर दूर स्थित छोटा-सा ग्राम दण्डवन आज जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है। कभी जहां गांव की महिलाएं पानी के लिए सुबह 4 बजे उठकर किलोमीटरों दूर तालाब और कुओं तक जाती थीं, वहीं आज हर घर में नल से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध है।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों ने इस गांव की तस्वीर बदल दी है। ग्राम दण्डवन में अब पूरी तरह जल आपूर्ति व्यवस्था क्रियाशील है और इसकी संचालन एवं रखरखाव की ज़िम्मेदारी स्वयं ग्रामीणों ने अपने हाथों में ले ली है। यह सामुदायिक सहभागिता ग्राम विकास की एक मिसाल पेश कर रही है।

ग्राम दण्डवन की महिलाएं बताती हैं, “पहले के समय में हम सुबह अंधेरे में उठकर मिलों चलकर पानी लाने जाते थे। छोटे बच्चे भी साथ जाते थे। गर्मी में कुएं और हैंडपंप सूख जाते थे। तब पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ता था”। उन दिनों अधिकांश जलस्रोत या तो गांव से दूर थे या गर्मी में सूख
जाते थे। महिलाओं को घरेलू कामों के साथ-साथ पानी की व्यवस्था करना एक चुनौती थी। इससे बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं की दिनचर्या और बुजुर्गों का स्वास्थ्य प्रभावित होता था।

वर्ष 2019 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू हुई जल जीवन मिशन के तहत ग्राम दण्डवन को भी इस योजना से जोड़ा गया। योजना के अंतर्गत गांव के प्रत्येक घर को पाइपलाइन से जोड़ते हुए 132 घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) प्रदान किए गए। अब हर घर में नल के माध्यम से शुद्ध जल की आपूर्ति हो रही है।

इस योजना से न केवल महिलाओं को राहत मिली है, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। गर्भवती महिलाएं जो पहले पानी भरने के लिए संघर्ष करती थीं, अब घर में ही पेयजल की सुविधा का लाभ उठा रही हैं। बच्चे समय पर स्कूल जा पा रहे हैं और बुजुर्गों को लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं रही।

ग्राम दण्डवन में खासाबती, नीलबती, रामबती, भगवती और घसनी जैसी महिलाएं अब ‘जल वाहिनी’ के रूप में काम कर रही हैं। ये महिलाएं पानी की गुणवता की जांच करती हैं और गांव के अन्य लोगों को स्वच्छ जल, जल संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करती हैं। इस योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाया है। वे अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं. बल्कि समाज के कल्याण में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।

दण्डवन की एक और खास बात यह है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनी जलापूर्ति प्रणाली का संचालन और रखरखाव स्वयं ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। इससे न केवल सिस्टम की स्थायित्वता सुनिश्चित हुई है, बल्कि ग्रामीणों की भागीदारी और जिम्मेदारी की भावना भी प्रबल हुई है।

ग्राम के सरपंच श्री कृष्ण आधार नाग बताते हैं, “पहले पानी के लिए हैंडपंपों पर लंबी लाइनें लगती थी। महिलाएं सुबह से ही पानी भरने में लग जाती थीं, जिससे उन्हें घर का बाकी काम करने और बच्चों को स्कूल भेजने में परेशानी होती थी। गर्मी में जलस्तर गिर जाता था और पानी की भारी किल्लत हो जाती थी। लेकिन अब हर घर में नल से जल मिलने से गांव की महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सभी खुश और संतुष्ट हैं। आज ग्राम दण्डवन, न सिर्फ ‘हर घर जल’ योजना के सफल क्रियान्वयन का उदाहरण है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी और महिलाओं की नेतृत्व क्षमता का भी प्रतीक है। इस बदलाव ने साबित कर दिया है कि जब सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर पहुंचती हैं और समुदाय उसमें सक्रियता से भाग लेता है तभी विकास साकार हो सकता है।

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