रविवार को रंगीन थे सीएमओ साहब पीएनबी के सामने खंभे से टकराई गाड़ी*

त्योहार पर नगर में विकास की टक्कर सीएमओ ने डिवाइडर के खंभे को मारी टक्कर
*कोटा ग्लोबल न्यूज | विशेष रिपोर्ट*
नवरात्र के पहले दिन महाशक्ति चौक पर ‘शक्ति’ का प्रदर्शन सीएमओ ने डिवाइडर के बिजली खंभे को मारी टक्कर, बाल-बाल बचा बड़ा हादसा
कोटा शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन जब पूरा नगर माँ की आराधना में लीन था ठीक उसी दोपहर नगर पालिका के प्रथम नागरिक की गाड़ी ने ऐसा शक्ति प्रदर्शन किया कि महाशक्ति चौक पर अफरा-तफरी मच गई।
रविवार दोपहर पंजाब नेशनल बैंक के सामने बने डिवाइडर पर नगर पालिका सीएमओ राहुल यादवकी गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधे बिजली के खंभे पर जा चढ़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डिवाइडर पर लगा बिजली का खंभा जड़ से झुक गया एवं क्षतिग्रस्त हो गया सीएमओ की गाड़ी का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि मौके पर कोई राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया वरना नवरात्र का पहला दिन एक बड़े हादसे में बदल जाता।
*नशे में थे साहब प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप*
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय दुकानदारों ने जो देखा वह चौंकाने वाला था। भीड़ में मौजूद लोगों का कहना था कि *सीएमओ साहब नशे की हालत में थे और गाड़ी संभाल नहीं पाए। टक्कर के बाद वे गाड़ी से ठीक से उतर भी नहीं पा रहे थे।
इतना ही नहीं,सफाई कर्मचारियों ने भी सीएमओ पर नशे में होने और दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है।
कर्मचारी ने किया फरार, नगर में चर्चा का बाजार गर्म
हादसे के तुरंत बाद सीन किसी फिल्म से कम नहीं था। बताया जा रहा है कि *नगर पालिका के एक कर्मचारी ने आनन-फानन में सीएमओ साहब को मौके से हटाकर दूसरी जगह पहुंचा दिया।वहीं रविवार की छुट्टी के दिन भी नगर पालिका के अन्य कर्मचारी काफी देर तक क्षतिग्रस्त गाड़ी को बीच सड़क से किनारे करने में जुटे रहे।
यह दृश्य पूरे नगर में चर्चा का विषय बन गया है। त्यौहार के सीजन में जहाँ नगर की साफ-सफाई व्यवस्था पहले से ही चरमराई हुई है, वहीं जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का दिन-दहाड़े इस तरह का आचरण बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया जा रहा है।
*सांसद प्रतिनिधि ने भी घेरा*
इस पूरे मामले पर सांसद प्रतिनिधि दुर्गेश साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा -मुझे भी जानकारी मिली है कि सीएमओ के नशे में होने के कारण यह घटना हुई है। अगर सीएमओ साहब नशे में थे तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक तरफ नगर की व्यवस्था चरमराई है और दूसरी तरफ सीएमओ का ऐसा रवैया ठीक नहीं है।
पक्ष जानने का प्रयास
इस पूरे मामले में सीएमओ राहुल यादव का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
