
*CCF प्रियंका पाण्डेय ने ग्रामीणों को बाघ संरक्षण का दिया संदेश*
कोटा/अचानकमार ग्लोबल न्यूज नारायण यादव की रिपोर्ट

अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस से पहले अचानकमार में जनचौपाल, CCF प्रियंका पाण्डेय ने ग्रामीणों को बाघ संरक्षण का दिया संदेश
बाघ का संरक्षण मतलब पूरे जंगल का संरक्षण अचानकमार टाईगर रिजर्व में मनाया गया जागरूकता कार्यक्रम
22 जुलाई को छपरवा में जनचौपाल लगाया गयाअंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 29 जुलाई के अवसर पर अचानकमार टाईगर रिजर्व अंतर्गत छपरवा परिक्षेत्र के रेस्ट हाउस में जनचौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव एवं क्षेत्रीय निदेशक प्रियंका पाण्डेय (भा.व.से.) मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।
जनचौपाल में ग्राम छपरवा, तिलईडबरा, बिंदावल, अचानकमार एवं आसपास के गांवों के ग्रामीणों तथा स्कूली छात्र-छात्राओं को बाघ संरक्षण का महत्व बताया गया। वीडियो प्रदर्शन के माध्यम से बाघों के प्राकृतिक आवास, पारिस्थितिकीय भूमिका और जैव विविधता संरक्षण में उनके योगदान की जानकारी दी गई।
क्षेत्रीय निदेशक प्रियंका पाण्डेय ने ग्रामीणों से अपील की कि वे वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बाघों का संरक्षण केवल एक प्रजाति की रक्षा नहीं है बल्कि यह संपूर्ण वन पारिस्थिति तंत्र और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बाघों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित कर जंगलों की सुरक्षा में सहभागिता सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम के दौरान छपरवा चौक के ग्रामीणों ने विस्थापन सहित अपनी समस्याओं से महोदया को अवगत कराया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण में सहयोग का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकार अमितरोशन किस्पोट्टा, वनक्षेत्रपाल छपरवा, गेंदराम साहू, वनक्षेत्रपाल कोटा बफर, समस्त परिक्षेत्र सहायक, परिसर रक्षक एवं मैदानी कर्मचारी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
वन विभाग का मानना है कि इस तरह के जनचौपाल से ग्रामीणों एवं छात्रों में बाघ एवं अन्य वन्यप्राणियों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, जिससे अचानकमार टाईगर रिजर्व में बाघों एवं अन्य वन्यप्राणियों की संख्या में वृद्धि होगी।
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