
*शिवरतन शर्मा के प्रयासों से भाटापारा में 01 करोड़ के विकास कार्य मंजूर*
भाटापारा ग्लोबल न्यूज जुगल किशोर तिवारी की रिपोर्ट
*शिवरतन शर्मा के प्रयासों से भाटापारा में 01 करोड़ के विकास कार्य मंजूर, 18 गांवों में बनेंगे रंगमंच और सामुदायिक भवन*
भाटापारा 5 जून/ विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए प्रभारी मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत वरिष्ठ भाजपा नेता शिवरतन शर्मा की अनुशंसा पर भाटापारा विधानसभा के लिए 01 करोड़ रुपये की लागत से 18 महत्वपूर्ण विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। क्षेत्र का होगा चौतरफा विकास
स्वीकृत कार्यों से भाटापारा और सिमगा विकासखंड के 18 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे। इन कार्यों में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, सामाजिक आयोजनों के लिए स्थान उपलब्ध कराने और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है
स्वीकृत कार्य 9 रंगमंच निर्माण कार्य
भोथीडीह शिव मंदिर के पास 5.00 लाख
पाटन – 5.00 लाख
कडार – 4.00 लाख लिमतरा 5.00 लाख
मोपका – 5.00 लाख
मुसवाडीहभोथीडीह 3.00 लाख
तुरमा 5.50 लाख
मोपर 4.00 लाख
गुडेलिया अटल चौक एवं शहीद वीर नारायण चौक5.00 लाख चबूतरा
06 सामुदायिक भवन निर्माण कार्यखोखली 6.50 लाख
बिटकुली सतनामी पारा6.50 लाख
दतरेंगी जायसवाल पारा10.00 लाख
देवरानी यादव पारा5.00 लाख
रामपुर यादव पारा10.00 लाख
दरचुरा महामाया पारा6.50 लाख 03 शेड एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण – कार्य
सुरखी आदिवासी पारा4.00 लाख शेड- तरेंगा शिशु मंदिर पास 5.00 लाख अतिरिक्त कक्ष मल्दी शिशुमंदिर पास 5.00 लाख अतिरिक्त कक्ष इस अवसर पर शिवरतन शर्मा ने कहा,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को पूरा करने के लिए हम कटिबद्ध हैं। प्रभारी मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। उनके मद से मिली यह राशि भाटापारा के ग्रामीण अंचल की तस्वीर बदलेगी। सभी स्वीकृत कार्यों को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कराया जाएगा जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार
इस बड़ी स्वीकृति पर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। भाजपा कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा का आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि रंगमंच और सामुदायिक भवन बनने से त्योहारों, बैठकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा होगी
