
*पुरुषोत्तम मास में धर्ममय हुई पवित्र नगरी*
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
पुरुषोत्तम मास में धर्ममय हुई पवित्र नगरी अमरकंटक
विभिन्न स्थलों पर गूंज रहे वैदिक मंत्र , श्रीमद् भागवत कथा , नर्मदा पुराण एवं रुद्र महायज्ञ
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक जो मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल और पावन तपोभूमि स्थली मानी जाती है । इस समय अमरकंटक में पुरुषोत्तम मास के शुभारंभ के साथ ही संपूर्ण नगरी धर्म , भक्ति और साधना के दिव्य वातावरण में सराबोर हो उठी है । ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा रविवार 17 मई 2026 कृतिका नक्षत्र से प्रारंभ हुए इस पुण्य पुरुषोत्तम मास में विभिन्न आश्रमों , घाटों एवं धार्मिक स्थलों पर जप , तप , पूजन-अर्चन , कथा एवं यज्ञ अनुष्ठानों का क्रम श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ निरंतर जारी है ।
पतित पावनी पुण्य सलिला माँ नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में इन दिनों वैदिक मंत्रों की पावन गूंज , भजन-कीर्तन एवं संत-महात्माओं के सत्संग से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक चेतना से आलोकित हो उठा है । देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु पुरुषोत्तम मास में माँ नर्मदा के दर्शन , स्नान एवं साधना कर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं ।
स्थानीय अग्निपीठ अखाड़ा श्री मार्कण्डेय आश्रम , श्री कल्याण आश्रम , परमहंस धारकुंडी आश्रम , मृत्युंजय आश्रम , रामघाट उत्तर तट आदि प्रमुख स्थलों पर धार्मिक आयोजनों का कार्यक्रम लगातार जारी है और आगे अनेक जगहों पर होने की जानकारी मिल रही है । छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला से आए भक्त श्रद्धालुओं के सहयोग से श्री 108 रुद्र महायज्ञ एवं श्री नर्मदा महापुराण कथा का भव्य आयोजन पूरे वैदिक विधि-विधान एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न कराया जा रहा है । यज्ञ मंडप में आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक एवं हवन अनुष्ठान किए जा रहे हैं जिससे वातावरण पूर्णतः शिवमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत बना हुआ है ।
वहीं माँ नर्मदा के पावन तट रामघाट में आचार्य पुरोहित पंडित धनेश द्विवेदी ‘वंदे महाराज’ द्वारा प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक श्री नर्मदा महापुराण कथा का भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है । कथा में माँ नर्मदा की महिमा , सनातन धर्म की परंपराएँ एवं मानव कल्याण के संदेश श्रद्धालुओं को भावविभोर कर रहे हैं ।
इसी क्रम में बाल विदुषी सौम्या किशोरी जी द्वारा प्रतिदिन संध्या 4 बजे से रात्रि 7 बजे तक संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का रसपान कराया जा रहा है । मधुर भजनों , कृष्ण लीला एवं भक्तिमय प्रवचनों से श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं तथा कथा स्थल पर देर शाम तक श्रद्धा एवं भक्ति की सरिता प्रवाहित हो रही है ।
स्थानीय कल्याण सेवा आश्रम के विशाल सभा हाल में भी श्रीमद् भागवत हरिहर महोत्सव का भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन किया जा रहा है जो 19 मई से 25 मई तक निरंतर चलेगा । इस आयोजन में सुप्रसिद्ध कथा वाचिका माँ चैतन्य मीरा जी कथा व्यास के रूप में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का रसपान करा रही हैं । राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों से आए श्रद्धालु महिला एवं पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त कर रहे हैं ।
पुरुषोत्तम मास के इस पुण्य अवसर पर माँ नर्मदा के पावन तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है । गुजरात के बड़ौदा , महाराष्ट्र के नागपुर एवं जळगांव सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए भक्त श्रद्धालु माँ नर्मदा में पुण्य स्नान कर पूजन-अर्चन एवं दीपदान कर रहे हैं । अनेक श्रद्धालु जप-तप , भजन-कीर्तन एवं ध्यान-साधना में लीन होकर ईश्वर आराधना में अपना समय व्यतीत कर रहे हैं ।
धर्मग्रंथों में पुरुषोत्तम मास को भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय मास माना गया है । मान्यता है कि इस मास में किए गए जप , तप , दान , कथा श्रवण एवं स्नान का फल अनेक गुना प्राप्त होता है । यही कारण है कि अमरकंटक जैसे दिव्य तपोभूमि में इस पावन मास के दौरान श्रद्धा , साधना एवं सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है ।
माँ नर्मदा की पावन वादियों में चल रहे ये धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं बल्कि समाज में धर्म , संस्कृति , सद्भाव एवं मानव कल्याण की भावना को भी सुदृढ़ कर रहे हैं ।


