
*अमरकंटक में हवन पूजन जावरा विसर्जन में दिखा भक्ति और उल्लास का वातावरण*
रामनवमी संग पूर्ण हुआ चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व ,
अमरकंटक ग्लोबल न्यूज – श्रवण कुमार उपाध्याय की रिपोर्ट
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक प्रदेश के प्रमुख पर्यटन , धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल में चैत्र नवरात्रि का नवदिवसीय महापर्व रामनवमी के मंगलमय अवसर पर भक्ति , आस्था और उल्लास के साथ सानंद संपन्न हो गया । पूरे नगर में इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार रहा जहां प्रत्येक क्षण श्रद्धा और साधना का जीवंत उत्सव बन गया ।
नवरात्रि के पावन अष्टमी दिवस पर नर्मदा मंदिर की यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत हवन-पूजन संपन्न हुआ वहीं कल्याण सेवा आश्रम , गणेश धुना आश्रम और अन्य जगहों पर आचार्य एवं पुरोहितों के सान्निध्य में संध्या कालीन यज्ञ ने वातावरण को और अधिक पवित्र एवं आध्यात्मिक बना दिया । भक्तों ने आदिशक्ति मां जगदंबा की आराधना कर अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की तथा श्रद्धा से बोए गए जवारा का विसर्जन कर कुल देवी-देवताओं का अठवाई चढ़ाकर पूजा-अर्चना की ।
नवरात्रि के अंतिम दिवस मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का आयोजन ठीक दोपहर 12 बजे नर्मदा मंदिर प्रांगण स्थित राम मंदिर में अत्यंत श्रद्धा , उल्लास और वैदिक विधि-विधान के साथ किया गया। शंखनाद और जयघोष के बीच प्रभु श्रीराम के प्राकट्य का दिव्य क्षण भक्तों के लिए अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभूति लेकर आया ।
नर्मदा मंदिर परिसर स्थित कलश गृह में प्रज्वलित घृत ज्योति तथा जवारा का विधिवत विसर्जन मंत्रोच्चार एवं क्षमा याचना के साथ संपन्न हुआ । इस पावन अवसर पर दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी नर्मदा नदी के रामघाट एवं कोटि तीर्थ में पुण्य स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई तथा प्रभु श्रीराम और मां नर्मदा के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया गया ।
इसी क्रम में अमरकंटक के वार्ड 11 के बैंक टोला में बोए गए जवारा एवं कलश का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य शोभायात्रा निकालकर देवी-भजनों के मधुर स्वर में नर्मदा मंदिर भ्रमण करते हुए रामघाट तट पर विधिवत विसर्जन किया गया ।
इसी तरह फलाहारी आश्रम से रामनवमी के पावन अवसर पर श्रीराम जानकी भव्य शोभा यात्रा नगर भ्रमण डीजे के साथ भजन की धुन पर निकला गया । इस आयोजन में भक्ति , संस्कृति और लोक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला ।
इस प्रकार चैत्र नवरात्रि का यह नवदिवसीय पर्व अमरकंटक में श्रद्धा , समर्पण और आध्यात्मिक उल्लास की अमिट छाप छोड़ते हुए पूर्ण हुई ।

