
*अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा रत्न ललित सिंह ठाकुर को मिला नेपाल देश मे*
*भाटापारा ग्लोबलन्यूज़ जुगल किशोर तिवारी की रिपोर्ट*
भाटापारा 21 फरवरी/प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल के अध्यक्ष आनन्द गिरी मायालु लुम्बनी नेपाल मे विश्व अंतर्राष्ट्रीय मातृत्व भाषा रत्न मानद उपाधि से अंतर्राष्ट्रीय पार्श्व गायक / साहित्यकार का सशक्त हस्ताक्षर डा, ललित सिंह ठाकुर ग्राम कड़ार भाटापारा को छत्तीसगढ़ी भाषा प्रतियोगितात्मक कार्यक्रम आयोजित समारोह पर लेखन पर यह सम्मान प्राप्त हुआ ,, छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया शब्दोच्चार का सृजनात्मक रूप से सृजनहार के अपनी कलम लेखनी पर यह सुनिश्चित सम्मान पत्र प्रदान किया गया जो छत्तीसगढ के सुप्रसिद्ध लोक रामायण गायक के आलावा अपनी अहम लेखनी से सबका मन जीत लिया यह नारा / गीत जो आज छत्तीसगढ की ब्यवहारिकता मे आ गया कोई भी नेता अभिनेता कलाकार साहित्यकार एवं जनमानस मे लोगो का शब्दो व जुबान पर है ,, छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया ,, शब्द झनकार आज देश विदेश मे मे गुजाईमान है 1992 मे यह अखंड छत्तीसगढ राज्य आन्दोलन का मंच पर जो डा, उदयभान सिह चौहान व पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ला के बेनर तले तथा मन्नुलाल यदु के आयोजित कार्यक्रमो मे जब ,, ललित सिंह ठाकुर ने इस गीत को गाया और जय छत्तीसगढ महतारी शब्दकोष से मंच पर बोला और गीत को सुनाया तो जब म,प्र, से अटल बिहारी के सौजन्य से पृथक छत्तीसगढ राज्य बना तो घड़ी चौक पर प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी विधान सभा अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला ,, दादा हीरा सिंह मरकाम सुप्रसिद्ध साहित्यकार फिल्मी राईटर हरि सिंह डा, उदयभान सिंह चौहान सलीम भाई आदियो ने डा ललित सिंह ठाकुर को सम्मानित किया और सभियो ने एक स्वर से कहा की यह तो इस गीत छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया गीत को लिखकर और गीत को संवार कर गाकर संगीतकार के रूप मे रेखांकित है ,, जो जग जाहिर है ,, भाटापारा अंचल को गौरवान्वित कर अलभ्य लाभ उपलब्ध किया है ,, जिसका भूरि भूरि प्रशंसात्मक सदैव अग्रसर की बढ़ते कदम है डा,ललित सिंह ठाकुर का विश्व स्तर पर अपना नाम कला और साहित्य के कार्यरत के नाम सु विख्यात वर्तमान परिवेश में आप मल्लिकार्जुन एवं बालाजी की तीर्थ यात्रा पर है

