
*दो माह का वेतन नहीं मिलने से नगर पंचायत कर्मचारी हड़ताल पर, बैठे *

*कोटा ग्लोबल न्यूज रामनारायण यादव की रिपोर्ट*
करगीरोड (कोटा) कोटा नगर पंचायत में नियमित कार्यरत कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन का भुगतान नहीं किए जाने से कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। वेतन न मिलने से परेशान कर्मचारियों ने मजबूर होकर नगर पंचायत कार्यालय परिसर के बाहर हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के कारण नगर पंचायत के दैनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं, जिससे आम नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि वेतन ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है। घर-परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, किराया, बिजली-पानी के बिल और रोजमर्रा की जरूरतें वेतन के भरोसे ही चलती हैं। लगातार दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। कई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें कर्ज लेकर घर चलाना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वेतन भुगतान को लेकर उच्च अधिकारियों,नगर पंचायत अधिकारियों को मौखिक एवं लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।
हड़ताल के चलते साफ-सफाई, जल आपूर्ति, को बाधित नहीं किया गया है,कार्यालयीन कार्य सहित अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई हैं। नगर के नागरिकों ने भी नाराज़गी जताते हुए कहा कि कर्मचारियों की गलती न होने के बावजूद उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की है।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर वे उच्च अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए आंदोलन को और तेज करेंगे।
इस पूरे मामले ने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि समय पर वेतन भुगतान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन लापरवाही का खामियाजा कर्मचारियों और आम जनता दोनों को भुगतना पड़ रहा है।
अब देखना यह होगा कि नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को कितनी शीघ्रता से हल करता है, या फिर कर्मचारियों का यह आंदोलन और व्यापक रूप लेता है।
हड़ताल पर बैठे हुए कर्मचारी अरूण मानिकपुरी ने कहा की मेरे को हर माह 25 हजार रूपए लोन बंटाना पड़ता है, मैं वेतन के ही आश्रित हूं, वेतन नहीं मिलने से कर्ज लेकर पटना पड़ रहा है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल यादव ने कहा की वसूली कम होने के वजह से कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला है,और कल कर्माचारियों से मिलकर बातचीत किया जायेगा।