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*संतान की लंबी उम्र हेतु महिलाओं ने रखा संतान सप्तमी का व्रत*

पंडित धनेश पाठक

*अमरकंटक ग्लोबल न्यूज  श्रवण उपाध्याय की रिपोर्ट*

माताओं ने किया शिव ,  पार्वती जी की पूजन आराधना
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक क्षेत्र में आज शनिवार तारीख 30/08/2025 को संतान सप्तमी व्रत के अवसर पर माताओं ने श्रद्धापूर्वक व्रत  व पूजा-अर्चना की । इस व्रत का मुख्य उद्देश्य संतान की लंबी आयु , उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए किया जाता है ।  माताओं ने भगवान शिव , माता पार्वती और सूर्यदेव का विशेष पूजन किया जाता है ।

व्रत और पूजन की विशेषताएं

प्रातः महिलाओं ने स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करती है , मंदिर आदि जाकर पूजन , दर्शन लाभ प्राप्त करती है । अपने घर पर या पूजन स्थल को पवित्र कर भगवान शिव और माता पार्वती जी की ताजी मिट्टी से बनाई गई  मूर्ति स्थापित करती है । घर की महिलाएं तथा आस पड़ोस , मोहल्ले की माताएं एक जगह पूजन स्थल पर बैठ कर श्रद्धा पूर्वक ब्राह्मणों द्वारा विधि विधान से पूजन अर्चन करा कर कथा का वाचन किया जाता है ।


पंडित धनेश पाठक बताते है कि यह व्रत संतान की उन्नति और भलाई के लिए व्रत किया जाता । इसमें
नैवेद्य खीर-पूड़ी और गुड़ के पुए अर्पित कर प्रसाद वितरण किया जाता है । व्रती माताओं ने पूजन उपरांत संतान सप्तमी की कथा का श्रवण करती है ।

व्रत का महत्व:

संतान की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति हेतु कामना माताएं करती है । ऐसे संतान को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है और नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति भी मिलती है साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है ।

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