
*मृतक नक्सली का भाई शव लेने पहुंचा*

मृत नक्सली मानु के ऊपर पर 38 अपराध कायम,छोटा भाई पहुचा शव लेने–
*बिपल्ब कुण्डू-की विशेष रिपोर्ट@
*पखांजूर ग्लोबल न्यूज़*
किसकोड़ी के जंगल में किसकोड़ो एरिया कमेटी व अंतागढ़ एलजीएस का कमांडर मानू दुग्गा का शव को पीएम कोयलीबेड़ा करवाया गया औ उसके शव को ले के लिए उसका भा मनहेर दुग्गा कोयलीबेड़ा पहुँच था। पुलिस ने बयान दर्ज करने के उपरांत शव को उसके छोटे भाई को सौंपा। टेमरूगांव नक्सली मानू दुग्गा का अंतिम संस्कार किय गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृत नक्सली के खिलाफ कांकेर जिले के विभिन थानों में गंभीर 38 मामले दर्ज है।कोयलीबेड़ा पहुँचे नक्सली मानू दुग्गा भाई ने बताया कि हम लोग नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत भंडारा के आश्रित ग्राम टेमरूगांव के निवासी है और हमारा थानाक्षेत्र कांकेर जिले का रावघाट थाना आता है। सोशल मीडिया में फोटो जारी होने के उपरांत पहचान हुई और कांकेर पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि कोयलीबेड़ा में शव का पीएम होगा। पीएम के उपरांत शव कोयलीबेड़ा में मिलेगा। मृतक नक्सली का भाई शव को लेने कोयलीबेड़ा पहुँचा और पुलिस की प्रकिया को पूरा करने के उपरंत कोयलीबेड़ा पुलिस ने शव को उसके भाई को सौंप दिया। उसके भाई ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मेरे पिता ने तीन शादी किया
है। पहली माँ का मानू दुग्गा है और उसके बाद गर्भवती के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। उसके बाद दूसरी शादी किया जिसका मैं और मेरी एक बहन है, परंतु माँ की मानसिक स्थिति को देखते हुए हम लोगों को पालने के लिए तीसरी शादी किया, जिसके तीन बेटी है। मृतक नक्सली सबसे बड़ा था और यह कब व कैसे नक्सलियों के साथ चला गया, हमें नहीं पता। नक्सलियों के साथ जाने के बाद कभी घर नहीं आया, जिससे हमें कोई जानकारी उसके बारे में नही थी। सोशल मीडिया में फोटो व नक्सली पर्चा जो जारी किया, उससे पता चला कि उसकी हत्या कर दी गई है। उसके बाद मैं शव को लेने के लिए प्रयास किया और शव का अंतिम | संस्कार गांव में किया गया। भाई का कहना था कि खबर मिलते ही पूरा परिवार शोक में डूब गया। अंतागढ़ एएसपी खोमन सिन्हा ने बताया कि मृतक नक्सली का छोटा भाई जो किसानी का काम करता है, शव लेने अकेला पहुँचा था। पीए के बाद शव को उसे सौंपा गया। मृतक नक्सली के परिजनों की मानें तो उसके नक्सली बनने पर पूरा परिवार आहत था।
भाई को नहीं है जानकारी कब बना नक्सली::-
कोयलीबेड़ा शव लेने पहुँचे मृतक के भाई ने बताया कि मुझे नहीं मालूम कि वह नक्सली के साथ कैसे व कब चला गया। घर से जब वह गया, तब मैं बहुत छोटा था। उसके जाने के बारे में पिता ने भी आज तक कोई जानकारी नहीं दिया है, इसलिए हमारे पास कोई जानकारी नहीं है कि मृतक आई किससे प्रेरित होकर उनके साथ चला गया।
आगजनी, हत्या, हत्या का प्रयास जैसे संगीत अपराध::-
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने बताया कि मृतक नक्सली सदस्य मानु दुग्गा के विरुद्ध जिला कांकेर के विभिन्न थानों में आगजनी, हत्या, हत्या के प्रयास जैसे कुल 38 गंभीर अपराध दर्ज है। मृतक नतसली 12 अप्रैल 2015 को थाना कोरर क्षेत्रांतर्गत बरबसपुर लौह अयस्क खदान में नक्सली सदस्य मानु दुग्गा अपने अन्य 20-25 की संख्या में सशस्त्र नक्सलियों के साथ आकर माईन्स में लगे पोकलेण्ड 03 नग, जेसीबी1 नग पानी टेंकर 01 न हाईवा – 01 नग ट्रक- नाग जीप-02 नग एवं लोडर मशीन-01 नग 1 को आगजनी कर क्षतिग्रस्त कर दिये जिससे लगभग 04 करोड़ का नुकसानी हुआ था। इसके अलावा 7 मार्च 2018 को थाना ताड़ोकी क्षेत्रांतर्गत ग्राम मसपुर जंगल पहाड़ी में नक्सली सदस्य मानु दुग्गा अपने अन्य 20-25 की संख्या में सशस्त्र नक्सलियों के साथ मिलकर आईईडी विस्फोट एवं फायरिंग की घटना घटित करने से बीएसएफ के असिस्टेंट कमाण्डेंट गजेन्द्र सिंह एवं आरक्षक अमरेश कुमार शहीद हो गए थे।
■ दो भाइयों व चार बहनों में सबसे बड़ा था मृतक नक्सली, सभी को हुआ दुख।
■ भारंडा ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम टेमरूगाँव का था निवासी।
