
*उदासीनता के घेरे मे शहीद का गौरव और सम्मान*
*भाटापारा ग्लोबल न्यूज जुगल किशोर तिवारी की रिपोर्ट*उदासीनता के घेरे मे शहीद का गौरव और सम्मान*
*सरयू साहित्य ने आकृष्ट किया व्यवस्था का ध्यान*
*पीडब्लू डी एसडीओ एवं सीएमओ को सौंपा गया ज्ञापन*
भाटापारा 17 जनवरी/राष्ट्र के लिए समर्पण एवं आहूति परम गौरव एवं वैभव का विषय है,उसे किसी के द्वारा परिभाषित करने की आवश्यकता नहीं है क्योकि इस अत्यंत पुनीत एवं विराट कर्म मे भव्यता स्वमेव समाहित रहती है,आवश्यकता होती है उस आहूति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की और वही इस आहूति के प्रति सच्चा सम्मान होता है। लेकिन भाटापारा के नजरिए से देखा जाए तो इस मामले मे उदासीनता के पुट नजर आतें है,तथा कृतज्ञता अभिव्यक्ति का भाव नदारद दिखाई देता है।
आधी सदी से उपेक्षा की बानगी
1971 का युद्ध हुए लगभग 53साल बीत चुका है,भारत पाक के युद्ध मे हमारे वीर सैनिकों का शौर्य एवं साहस अप्रतिम रहा जिसके चलते हमें विराट विजय प्राप्त हुई, इस युद्ध मे हमारे वीर सैनिकों को अपने प्राणों की आहूति देने पड़ी,इसी कड़ी मे भाटापारा के वीर सपूत पायलट आफिसर श्री कृष्ण गजानन खोण्डे वीर गति को प्राप्त हुए एवं राष्ट्र के लिए उन्होने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन लगभग आधी सदी बीत जाने के बाद भी क्षेत्र मे इस वीर शहीद को वह सम्मान अब तक नहीं मिल पाया है और परम वैभव को प्राप्त इस व्यक्तित्व को लेकर आज भी उपेक्षा की दुखद बानगी नजर आती है।
महज सड़क का हुआ नामकरण
सम्मान एवं कृतज्ञता का भाव व्यक्त करने की कड़ी मे क्षेत्र मे महज इतना ही कार्य हुआ और रेस्ट हाउस से नाका नंबर एक सड़क का नामकरण वीर शहीद के नाम पर किया गया और एक पट्टिका लगा दी गयी जिस पर उनका जीवन वृत्त उल्लेखित था,लेकिन सड़क चौड़ीकरण के समय वह पट्टिका भी हटा दी गयी,और अब रेस्ट हाउस के अहाते से लगकर एक पट्टिका लगी है वह सम्मान कम उपेक्षा का भाव अधिक प्रदर्शित कर रही है,क्योंकि अहाते से लगे हाॅटल के सामानों से घिरी पट्टिका ऐसे महसूस होती है जैसे अन्य सामानों की तरह पट्टिका भी एक किनारे रख दी गयी है
सरयू साहित्य द्वारा सौंपा गया ज्ञापन
आदर्शों का स्मरण उनके प्रति कृतज्ञता के भाव का अर्पण और सम्मान की भावना की अभिव्यक्ति जहां समाज मे सुचिता के वातावरण को पल्लवित करती है वहीं नयी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का भी सबब बनती है,लेकिन आज दुखद स्थिति यह है कि क्षेत्र मे वीर शहीद की उपेक्षा के चलते नयी पीढ़ी एक तरह से अंजान होती जा रही है तथा बहुत लोगों को आज वीर शहीद के बारे मे जानकारी भी नही है,वीर शहीद की निरंतर होती उपेक्षा पर पीड़ा व्यक्त करते हुए रचनात्मकता से गहन सरोकार रखने वाली संस्था सरयू साहित्य परिषद द्वारा अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा एवं मुकेश शर्मा के नेतृत्व मे पीडब्लू डी एसडीओ आर के साहू तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया,उक्त ज्ञापन मे वीर शहीद श्री कृष्ण गजानन खोण्डे के समुचित सम्मान की मांग की गयी है।
